Delhi Air Pollution: दशहरे के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 227 पहुंचा; इन इलाकों में हालात चिंताजनक

देश की राजधानी दिल्ली में त्योहारों के बीच वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। दशहरे के बाद दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 227 तक पहुंच गया, जो खराब श्रेणी में आता है। इससे पहले मंगलवार शाम को दिल्ली का AQI 179 दर्ज किया गया था। महज कुछ घंटों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
त्योहारों के दौरान रावण दहन, पटाखों का इस्तेमाल और अन्य गतिविधियों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण बढ़ाने में योगदान दे सकता है। इसके अलावा, मौसम में बदलाव, तापमान में गिरावट और हवा की धीमी गति के कारण भी प्रदूषक वातावरण में जमा होने लगते हैं।
दिल्ली के कई इलाकों में बिगड़ी हवा की गुणवत्ता
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता खराब स्तर पर पहुंच गई है। रिपोर्ट में जहांगीरपुरी और पूसा जैसे इलाकों में स्थिति अधिक चिंताजनक बताई गई, जहां AQI क्रमशः 308 और 314 दर्ज किया गया।
वहीं, आनंद विहार समेत कुछ अन्य इलाकों में प्रदूषण का स्तर मध्यम श्रेणी में रहा। अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में प्रदूषण का असर हर इलाके में एक जैसा नहीं है, लेकिन कई स्थानों पर हवा की गुणवत्ता में गिरावट देखने को मिली है।
पराली जलाने की घटनाओं से भी बढ़ सकती है परेशानी
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं पर भी नजर रखी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, NASA के उपग्रह ने 20 अक्टूबर तक के तीन दिनों में दोनों राज्यों में खेतों में आग लगने की 182 घटनाएं दर्ज की थीं। वहीं, 1 अक्टूबर से अब तक ऐसी घटनाओं की कुल संख्या 397 बताई गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 523 था।
हालांकि, उपग्रहों से दर्ज आंकड़े खेतों में आग लगने की वास्तविक संख्या से कम हो सकते हैं। इसकी एक वजह यह है कि उपग्रह के गुजरने का समय और खेतों में आग लगाए जाने का समय हमेशा एक जैसा नहीं होता।
पराली जलाने से निकलने वाला धुआं मौसम और हवा की दिशा के अनुसार आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह स्थानीय मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
AQI 227 का क्या मतलब है?
CPCB के मानकों के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक को छह श्रेणियों में बांटा गया है।
- 0 से 50: अच्छा
- 51 से 100: संतोषजनक
- 101 से 200: मध्यम
- 201 से 300: खराब
- 301 से 400: बहुत खराब
- 401 से 500: गंभीर
दिल्ली का AQI 227 होने का मतलब है कि हवा खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है। इस स्तर पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से संवेदनशील लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
जुलाई के बाद फिर खराब हुई दिल्ली की हवा
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में इससे पहले 12 और 13 जुलाई को AQI क्रमशः 261 और 246 दर्ज किया गया था। अक्टूबर के ज्यादातर दिनों में हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी रही, हालांकि बारिश के बाद कुछ समय के लिए प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई थी।
18 अक्टूबर को AQI 187, 19 अक्टूबर को 139 और 20 अक्टूबर को 179 दर्ज किया गया। इसके बाद बुधवार सुबह प्रदूषण का स्तर बढ़कर 227 तक पहुंच गया।
यह बदलाव दर्शाता है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता मौसम, स्थानीय उत्सर्जन और हवा की गति जैसे कई कारकों से प्रभावित हो रही है।
प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?
दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब होने पर लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। बाहर निकलने से पहले अपने इलाके का AQI जरूर जांचें। प्रदूषण अधिक होने पर खुले में लंबे समय तक व्यायाम करने से बचें, खासकर सुबह और शाम के समय।
बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या लगातार खांसी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लें।
आगे कैसी रहेगी दिल्ली की हवा?
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर आने वाले दिनों में कैसा रहेगा, यह मौसम, हवा की दिशा, गति, तापमान और स्थानीय उत्सर्जन पर निर्भर करेगा। त्योहारों के दौरान प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
फिलहाल AQI के खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद सबसे अहम सवाल यही है कि क्या मौसम में बदलाव से प्रदूषण कम होगा या राजधानी को आने वाले दिनों में और खराब हवा का सामना करना पड़ेगा।



