खेल जगत

Asian Para Games 2026: सचिन खिलारी ने गोल्ड जीतकर बनाया गेम्स रिकॉर्ड, भारतीय खिलाड़ियों ने शॉट पुट में किया क्लीन स्वीप

जापान के नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को सचिन सर्जेराव खिलारी ने पुरुषों की शॉट पुट F46 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया। इस इवेंट में भारत ने तीनों पदक अपने नाम कर क्लीन स्वीप किया। वहीं, महिलाओं की शॉट पुट F34 स्पर्धा में भाग्यश्री जाधव ने रजत पदक जीता, जबकि पावरलिफ्टिंग में कस्तूरी राजमणि ने भी सिल्वर मेडल हासिल कर देश का मान बढ़ाया।

सचिन खिलारी ने अंतिम प्रयास में लगाया गोल्डन थ्रो

पेरिस पैरालंपिक में रजत पदक जीत चुके सचिन सर्जेराव खिलारी ने एशियन पैरा गेम्स में अपने पिछले स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। उन्होंने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 15.87 मीटर का थ्रो किया और पहला स्थान हासिल किया।

सचिन का यह प्रदर्शन गेम्स रिकॉर्ड भी बना। उन्होंने 15.67 मीटर के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उनके शानदार प्रदर्शन ने भारत को शॉट पुट F46 स्पर्धा में शीर्ष स्थान दिलाया।

भारतीय खिलाड़ियों ने किया क्लीन स्वीप

पुरुषों की शॉट पुट F46 स्पर्धा में भारत के तीनों खिलाड़ियों ने पदक जीतकर इतिहास रच दिया। सचिन खिलारी ने 15.87 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, मोहम्मद यासिर ने 15.06 मीटर की दूरी तय कर रजत पदक जीता, जबकि परवीन ने 14.94 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

इस तरह इस स्पर्धा के तीनों पदक भारतीय खिलाड़ियों के खाते में आए। उनकी इस उपलब्धि से एशियन पैरा गेम्स में भारत की पदक तालिका को मजबूती मिली।

क्या है शॉट पुट की F46 कैटेगरी?

F46 वर्ग उन पैरा एथलीटों के लिए होता है जिनके ऊपरी अंगों में विकलांगता या कार्यक्षमता से जुड़ी कमी होती है। इस वर्ग के खिलाड़ी खड़े होकर शॉट पुट में हिस्सा लेते हैं और गोला फेंकने के लिए अपनी शारीरिक ताकत तथा तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।

इस वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों के लिए संतुलन, ताकत और सही तकनीक महत्वपूर्ण होती है।

भाग्यश्री जाधव ने शॉट पुट में जीता सिल्वर

महिलाओं की शॉट पुट F34 स्पर्धा में भारतीय एथलीट भाग्यश्री जाधव ने 8.19 मीटर का थ्रो करते हुए रजत पदक जीता। यह उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।

भाग्यश्री की इस उपलब्धि ने भारतीय पैरा एथलेटिक्स के पदक अभियान में एक और सफलता जोड़ दी। उनके शानदार थ्रो ने प्रतियोगिता में भारत की मौजूदगी को और मजबूत किया।

कस्तूरी राजमणि ने पावरलिफ्टिंग में दिलाया रजत पदक

भारतीय पावरलिफ्टर कस्तूरी राजमणि ने महिलाओं की 67 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। तमिलनाडु की 42 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में 108 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया।

उज्बेकिस्तान की रुखशोना उक्तामोवा ने 127 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया की किम ह्योंग-हुई ने 107 किलोग्राम के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

कस्तूरी के लिए यह उपलब्धि खास रही। उनके दोनों पैरों में बचपन से पोलियो का असर है और उनका पालन-पोषण उनकी दादी ने किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने खेल के क्षेत्र में अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया।

भारतीय दल के खाते में लगातार आ रहे पदक

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सचिन खिलारी का गेम्स रिकॉर्ड और शॉट पुट F46 में भारत का क्लीन स्वीप प्रतियोगिता की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। वहीं, भाग्यश्री जाधव और कस्तूरी राजमणि के रजत पदकों ने भारत की सफलता में और इजाफा किया है।

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