सरकारी योजनाओं में बड़ा बदलाव! अब आधार कार्ड की जगह वोटर ID से मिल सकता है पैसा, जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले करोड़ों लोगों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार लाभार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव करने पर विचार कर सकती है। इसके तहत आधार कार्ड की जगह बायोमेट्रिक सत्यापन और वोटर ID के EPIC नंबर को भुगतान का आधार बनाया जा सकता है।
केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने हाल ही में इस बदलाव के संकेत दिए हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
आधार कार्ड की जगह EPIC नंबर से हो सकता है सत्यापन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने पिछले शुक्रवार को पंचायती राज मंत्रालय की ओर से आयोजित नेशनल वर्कशॉप ऑन पीपुल्स प्लान कैंपेन 2026-27 में यह बात कही।
उन्होंने आधार कार्ड की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि आज आधार कार्ड बनाने वाली संस्थाएं लगभग हर गली में उपलब्ध हैं और कुछ ही मिनटों में आधार कार्ड तैयार करने का दावा किया जाता है।
मंत्री ने संकेत दिया कि भविष्य में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और वोटर ID के EPIC नंबर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इन सरकारी योजनाओं में होता है आधार का इस्तेमाल
फिलहाल केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं में लाभार्थियों की पहचान और भुगतान के लिए आधार आधारित व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- PM-Kisan योजना: किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए।
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण: ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए।
- VB-G RAM G: ग्रामीण रोजगार से जुड़ा सरकारी कार्यक्रम।
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम: बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को पेंशन देने के लिए।
इसके अलावा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की कुछ योजनाओं में भी आधार सत्यापन जरूरी है।
क्या सभी योजनाओं में बदल जाएगा नियम?
फिलहाल इस बदलाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई व्यवस्था किन-किन सरकारी योजनाओं में लागू होगी। केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में किसी विशेष योजना का नाम नहीं बताया है।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि नई व्यवस्था कब से शुरू होगी और क्या इसके बाद आधार कार्ड की अनिवार्यता पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी।
इसलिए फिलहाल लाभार्थियों को अपने आधार कार्ड, बैंक खाते और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही भुगतान से जुड़े नए नियमों की पूरी जानकारी सामने आएगी।
पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को अपनी आय के स्रोत बढ़ाने होंगे, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाली परफॉर्मेंस ग्रांट का लाभ उठा सकें।
फिलहाल सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए जरूरी बात यह है कि आधार की जगह EPIC नंबर इस्तेमाल करने का प्रस्ताव अभी केवल संभावित बदलाव के रूप में सामने आया है। इसे लागू करने की आधिकारिक तारीख और नियमों का इंतजार है।



