तलाक के बाद शराब की लत और एंग्जायटी से जूझे युजवेंद्र चहल, रिहैब सेंटर में बिताए 26 दिन

भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने अपनी निजी जिंदगी के मुश्किल दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि तलाक के बाद वह मानसिक तनाव, एंग्जायटी और शराब की लत जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। हालात बिगड़ने पर उन्होंने रिहैब सेंटर में 26 दिन बिताए और अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने का फैसला किया।
मानसिक तनाव के कारण आने लगे पैनिक अटैक
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान चहल ने बताया कि निजी जिंदगी में आए बदलावों और सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं का उन पर गहरा असर पड़ा। तनाव के कारण उन्हें पैनिक अटैक आने लगे थे। उन्होंने महसूस किया कि अगर समय रहते खुद को नहीं संभाला, तो इसका असर उनके क्रिकेट करियर पर भी पड़ सकता है।
चहल के मुताबिक, जब शराब की लत बढ़ने लगी, तब उन्होंने इससे बाहर निकलने का फैसला किया। रिहैब सेंटर में बिताए 26 दिनों ने उन्हें अपनी भावनाओं पर नियंत्रण पाने और जीवन को नई दिशा देने में मदद की।
क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर की वापसी
मुश्किल दौर से उबरने के बाद चहल ने सोशल मीडिया की आलोचनाओं को नजरअंदाज करते हुए अपने खेल पर ध्यान देना शुरू किया। पंजाब किंग्स द्वारा आईपीएल मेगा ऑक्शन में उन्हें 18 करोड़ रुपये में खरीदे जाने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी के भरोसे ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी।
आईपीएल में चहल का शानदार रिकॉर्ड
युजवेंद्र चहल आईपीएल इतिहास के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल हैं। उन्होंने 188 मैचों में 233 विकेट हासिल किए हैं। आईपीएल 2025 में उनके नाम 16 विकेट रहे, जबकि 2026 में उन्होंने 12 विकेट लिए।
चहल की कहानी बताती है कि निजी जिंदगी में कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए समय पर मदद लेना और अपनी मानसिक सेहत को प्राथमिकता देना कितना महत्वपूर्ण है।



