छत्तीसगढ़ में साय कैबिनेट के 17 बड़े फैसले, किसानों को ₹3100 में धान खरीदी से लेकर 8000 करोड़ की रेल परियोजना तक मंजूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाइन, रायपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क, रेल कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग और खेल जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए कुल 17 प्रमुख प्रस्तावों पर निर्णय लिया। इन फैसलों का उद्देश्य किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाने, आम नागरिकों को राहत देने तथा राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों को मिलेगा 3100 रुपये प्रति क्विंटल
कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया है। राज्य में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए धान उपार्जन केंद्र खोले जाएंगे, जिसके बाद प्रदेश में केंद्रों की कुल संख्या 3100 हो जाएगी।
पिछले वर्ष पंजीकृत और एग्रीस्टेक आईडी वाले किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से धान के रकबे का निर्धारण और बायोमेट्रिक व्यवस्था के जरिए खरीदी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
बिजली उपभोक्ताओं को मार्च 2027 तक राहत
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) के अंतर्गत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिलने वाली रियायत जारी रहेगी। योजना के तहत 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि को 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। इससे लगभग 7.25 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने का अनुमान है।
सड़क निर्माण के लिए 130.88 करोड़ रुपये की राहत
डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए सरकार ने पात्र सड़क निर्माण अनुबंधों में मूल्य राहत देने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए 130.88 करोड़ रुपये की राहत का प्रावधान किया गया है। राज्य वित्तपोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों में भी निर्धारित शर्तों के तहत राहत दी जाएगी। इससे सड़क परियोजनाओं को गति देने और निर्माण कार्य समय पर पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज
राज्य के शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस व्यवस्था के तहत पात्र हितग्राहियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के लिए पहले अपनी जेब से पूरा खर्च चुकाने और बाद में प्रतिपूर्ति की लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। पूर्व-अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन किए जाने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये
प्रदेश में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को मंजूरी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए प्रस्तावित इस मिशन पर कुल 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
मिशन के अंतर्गत सड़क नेटवर्क का मास्टर प्लान तैयार करने, जीआईएस आधारित नियोजन, डिजिटल निगरानी, गुणवत्ता परीक्षण और सड़क सुरक्षा ऑडिट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पर्यटन विकास मिशन से रोजगार के नए अवसर
छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को विकसित करने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को स्वीकृति दी गई है। अगले पांच वर्षों में इस मिशन पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
इसके तहत पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और स्वच्छता को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
कटघोरा से डोंगरगढ़ तक नई रेल लाइन को मंजूरी
रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ के बीच 295 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना में इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 8,000 करोड़ रुपये बताई गई है। रेल संपर्क के विस्तार से संबंधित क्षेत्रों में आवागमन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन कर 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करना और राज्य में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना है।
सोमनी में 400 करोड़ रुपये की फूड प्रोसेसिंग परियोजना
ग्राम सोमनी में लगभग 400 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग सुविधा स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा मिलने के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त, राजनांदगांव जिले के ग्राम खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है। इससे भंडारण संबंधी सुविधाओं के विस्तार में मदद मिल सकती है।
पांच शहरों में सरकारी परिसंपत्तियों का पुनर्विकास
दुर्ग, रामानुजगंज, जशपुर, सक्ती और धमतरी में सरकारी भूमि एवं जर्जर परिसंपत्तियों के पुनर्विकास को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित करने की योजना है।
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपये
राज्य में खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और पदक की तैयारी को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2026-27 के लिए इस मिशन में 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।
प्रथम चरण में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
राजनीतिक प्रकरणों और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी निर्णय
कैबिनेट ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी है। इसके साथ ही रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय के लिए तीन नए पदों के सृजन और नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में वन मुख्यालय के लिए विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए स्वीकृत किया गया है।
इसके अलावा स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला की सेवा अवधि को परिवार पेंशन के प्रयोजन से नियमित सेवा मानते हुए पात्र परिजनों को पेंशन, एरियर्स और नियमानुसार ब्याज के भुगतान की स्वीकृति भी दी गई।
विकास और जनकल्याण को गति देने पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में लिए गए इन निर्णयों में किसानों की आय, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, शासकीय कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधा, बुनियादी ढांचे के विस्तार और औद्योगिक निवेश को प्रमुखता दी गई है। पर्यटन और खेल विकास के लिए निर्धारित बजट से स्थानीय प्रतिभाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाया गया है।
सरकार के सामने अब इन प्रस्तावों को प्रभावी ढंग से लागू करने की चुनौती होगी। योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन ही यह तय करेगा कि इन फैसलों का लाभ किसानों, कर्मचारियों, युवाओं और आम नागरिकों तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है।



