बांग्लादेश से हार के बाद ऑस्ट्रेलिया में बड़ा बदलाव, जैक वेदराल्ड टीम से बाहर; रेनशॉ की वापसी

नई दिल्ली: बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन टेस्ट में 9 विकेट से मिली करारी हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं ने बिना कोई समय गंवाए बड़ा कदम उठाया है। खराब फॉर्म से जूझ रहे सलामी बल्लेबाज जैक वेदराल्ड को मैकाय में होने वाले अगले टेस्ट के लिए टीम से बाहर कर दिया गया है। वेदराल्ड ने डार्विन टेस्ट में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में 23 और दूसरी पारी में 0 रन बनाए। इसके साथ ही 12 टेस्ट पारियों के बाद उनका बल्लेबाजी औसत घटकर महज 20.36 का रह गया है। एशेज के दौरान तकनीकी सुधारों के दम पर टीम में जगह बनाने वाले वेदराल्ड दबाव में अपने प्रदर्शन को बरकरार रखने में नाकाम रहे।
मैत्यू रेनशॉ की वापसी, ट्रेविस हेड के साथ कर सकते हैं ओपनिंग
वेदराल्ड के स्थान पर 30 साल के मैत्यू रेनशॉ को ऑस्ट्रेलियाई स्क्वाड में शामिल किया गया है। पूरी संभावना है कि वह मैकाय टेस्ट में ट्रेविस हेड के साथ पारी की शुरुआत करते नजर आएंगे। रेनशॉ पिछले शेफील्ड शील्ड सीजन के सर्वश्रेष्ठ ओपनर रहे हैं, जहां उन्होंने 10 पारियों में 3 शतकों की मदद से लगभग 50 की औसत से रन बनाए थे। इसके अलावा, मैकाय मैदान पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम दो शतक भी दर्ज हैं। रेनशॉ के पास 14 टेस्ट मैचों का अनुभव है, हालांकि उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट तीन साल पहले दिल्ली में खेला था।
जोश इंग्लिस भी ओपनिंग विकल्प, मार्नस लाबुशेन पर भी उठ रहे सवाल
ऑस्ट्रेलिया के पास 13 सदस्यीय टीम में जोश इंग्लिस के रूप में एक और विकल्प मौजूद है, जिन्होंने हाल ही में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI की ओर से ओपनिंग करते हुए शतक जड़ा था। दूसरी ओर, नंबर-3 बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन की खराब फॉर्म भी टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। लाबुशेन डार्विन टेस्ट में 1 और 31 रन ही बना सके और पिछले लगभग तीन सालों से इंटरनेशनल क्रिकेट में कोई शतक नहीं जमा पाए हैं। पिछले 42 टेस्ट पारियों में उनका औसत केवल 25.23 का रहा है। हालांकि, मुख्य कोच एंड्रयू मैकडॉनल्ड ने उम्मीद जताई है कि लाबुशेन जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल कर लेंगे।
पहले टेस्ट में मिली शर्मनाक हार
बांग्लादेश जैसी कमजोर टीम के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले टेस्ट में पूरी तरह से कमजोर नजर आई। उन्हें इस मैच में बांग्लादेश ने 9 विकेट से हरा दिया। ऑस्ट्रेलिया को इस हार के कारण WTC अंक भी गंवाने पड़े, इसके अलाव पूरी ताकत के साथ उतरने के बावजूद भी ऑस्ट्रेलिया ने हर डिपार्टमेंट में निराश किया।



