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जांजगीर गैंगरेप-हत्या केस में बड़ा फैसला, दो दोषियों को चार-चार बार उम्रकैद

जांजगीर-चांपा। जिले के यादव चौक क्षेत्र में वर्ष 2023 में हुई युवती से दुष्कर्म, हत्या और लूट की जघन्य वारदात के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश मुकेश कुमार तिवारी की अदालत ने आरोपी रोहन पांडू और राजेंद्र सूर्या को दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में चार-चार बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही विभिन्न धाराओं में अर्थदंड भी लगाया गया है।

घर में अकेले थे भाई-बहन

मामला 12 फरवरी 2023 की रात का है। घटना के समय युवती और उसका भाई घर में अकेले थे, जबकि उनके माता-पिता काम के सिलसिले में कोरबा गए हुए थे। अभियोजन के अनुसार, आरोपियों ने पहले युवती के भाई को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और उसे कमरे में बंद कर दिया।

इसके बाद दोनों आरोपी घर में दाखिल हुए और युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोप है कि वारदात के बाद उसकी हत्या कर दी गई।

अगली सुबह परिवार ने दोनों बच्चों से संपर्क करने की कोशिश की। संपर्क नहीं होने पर चौकीदार को घर भेजा गया। वहां युवती का भाई कमरे में बंद मिला, जबकि युवती दूसरे कमरे में बेसुध अवस्था में पड़ी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

जेवर, मोबाइल और स्कूटी लेकर फरार हुए थे आरोपी

जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी घर से सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन और स्कूटी लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने जांच के दौरान लूटे गए सामान और स्कूटी को बरामद किया।

पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और दोनों को कवर्धा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी रोहन पांडू को घटना के करीब 48 घंटे के भीतर कुंडा बाजार से गिरफ्तार किया गया था। बाद में राजेंद्र सूर्या को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

22 गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने मजबूत किया केस

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। इसके अलावा दस्तावेजी और फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी रिकॉर्ड पर रखा गया। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(डी), 394, 449, 34 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इन धाराओं के तहत सामूहिक दुष्कर्म, लूट, घर में घुसने और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए थे।

चार-चार बार उम्रकैद और जुर्माना

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों दोषियों को अलग-अलग अपराधों में चार-चार बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड समेत विभिन्न धाराओं में अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया।

अदालत के इस फैसले को वर्ष 2023 की इस गंभीर वारदात में महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है। सजा के तहत एक आजीवन कारावास को अंतिम सांस तक जेल में रहने के रूप में निर्धारित किया गया है।

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