अब भयंकर सस्ता होगा सोना! बबल बन चुके गोल्ड पर RBI की बड़ी चेतावनी, रिपोर्ट में बताई डराने वाली बात

साल 2024 के बाद सोने की तेजी को समझ पाना किसी के लिए आसान नहीं था. दिसंबर 2024 तक भारत में सोने की कीमत 76,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आस-पास थी. सालभर बाद यानी 2025 के दिसंबर में यही सोना 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. एक महीने बाद जनवरी 2026 में सोने ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और कीमत 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया. ये तेजी किसी की भी लुभाने के लिए काफी है. सोने की अंधाधुन तेजी देखकर निवेशक इसकी ओर दौड़े चले गए. छोटे निवेशकों के लेकर केंद्रीय बैंकों ने सोने में पैसा झोंकना शुरू कर दिया.लोगों ने शेयर बाजार से, एफडी , म्युचुअल फंड से पैसा निकाल-निकालकर सोने में निवेश किया. तेजी ने लोगों का लालच बढ़ाया, लेकिन अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट लोगों को डरा रही है. सोना गिरेगा या चढ़ेगा?
ईरान युद्ध के दौरान सोने ने अलग ही रंग दिखाया. जहां लोगों ने उम्मीद लगा रखी था कि युद्ध के बीच सोना चढ़ेगा, लेकिन इसके उलट सोना ठंडा पड़ गया. ईरान युद्ध के दौरान सोना गिरने लगा. अब रिजर्व बैंक की रिपोर्ट ने नई आशंका बढा दी है. रिजर्व बैंक ने अपनी Monetary Policy Committee (MPC) रिपोर्ट में 2 पन्नों में सिर्फ सोने के बारे में लिखा है. आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट ने हर बात का जिक्र किया है कि सोना क्यों महंगा हुआ, क्यों गिरेगा? आगे क्या होगा?
क्या कहती है रिजर्व बैंक की रिपोर्ट ?
रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हो सकता है कि सोना ‘बबल टेरिटरी’ (Bubble Territory) में पहुंच गया हो. इसके लिए रिजर्व बैंक ने Right-tailed Augmented Dickey-Fuller (RTADF) फॉर्मूले का इस्तेमाल किया. जिसमें उसने साल 1960 से लेकर अब तक के सोने दाम को लेकर गहन अध्ययन किया गया. जिसके बाद आरबीआई ने पाया कि दिसंबर 2023 के बाद सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई. दिसंबर 2023 से लेकर फरवरी 2026 तक के दोनों की कीमतों की स्टडी के बाद पाया गया कि ये 95 फीसदी तक क्रिटिकल लेवल पर पहुंच चुका है. अब क्या होगा सोने के साथ ?
रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि सोने बबल टेरेटरी पर पहुंच चुका है और इसमें बड़ी गिरावट आ सकती है. सोने का बुलबुला बन तो चुका है, लेकिन ये फटेगा कब इसे लेकर फिलहाल रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में जिक्र नहीं किया गया है. अब मिडिल ईस्ट युद्ध अपने आखिरी पड़ाव की ओर है. तेल के दाम गिरने लगे हैं, शेयर बाजार में तेजी लौट रही है. ऐसे में सोने में भारी मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है. सोने में बड़ी गिरावट आ सकती है. बीते कुछ दिनों में कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने भी सोना बेचना शुरू कर दिया है. बाजार जानकार मानते हैं कि सोने का बुलबुला चुका है. आने वाले दिनों में सोने की कीमत गिर सकती है. अगर तेजी की बात करें तो इसमें मामूली तेजी की वापसी हो सकती है, लेकिन वैसी तेजी की संभावना बेहद कम है, जैसा बीते दो सालों में देखने को मिला है.
तो क्या सोने-चांदी का बबल फूट रहा है?
ज़ी बिजनेस के कमोडिटी एडिटर मृत्युंजय झा की माने तो तेज बिकवाली का ये मतलब नहीं कि मंदी शुरू हो गई है. फंडामेंटल अभी भी तेजी के हैं. हालांकि तेजी “जस्टिफाइड” नहीं है. फिर भी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बबल फूट गया है. अगर गिरावट अगले कुछ दिनों तक जारी रहती है, तभी इसे बबल का फूटना माना जाएगा.



