दुनिया जहां

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से तबाही, 177 की मौत; 826 लोग अब भी लापता

काठमांडू। नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह तक हादसे में 177 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 826 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है।

बाढ़ की शुरुआत चीन के तिब्बती क्षेत्र से हुई। एक हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेन्डे का प्रवाह बाधित हुआ, जिसके बाद अचानक पानी का तेज बहाव नेपाल के रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में पहुंचा। देखते ही देखते बाढ़ ने घरों, सड़कों, बिजली व्यवस्था, कस्टम कार्यालयों और पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया।

कई जिलों में मिले शव

बाढ़ के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के आसपास के कई जिलों में शव बरामद किए गए हैं। रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी के दोनों जिलों में राहत दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। इनमें सबसे अधिक शव चितवन जिले से बरामद हुए हैं।

चितवन समेत कई इलाकों में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। पर्यटन के लिए प्रसिद्ध चितवन में भी बाढ़ का असर देखने को मिला है।

95 नेपाली और 21 भारतीय सुरक्षित निकाले गए

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बताया कि नेपाली सेना ने तिमुरे इलाके में अभियान चलाकर 95 नेपाली नागरिकों और 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, लापता लोगों में बड़ी संख्या पर्यटकों की भी है। अधिकारियों के मुताबिक 826 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, जिनमें 579 पर्यटक शामिल हैं।

बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

अचानक आई बाढ़ से नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं और बिजली तथा अन्य आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ा है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और संपर्क व्यवस्था बहाल करने में जुटा है।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। सरकार ने राहत, बचाव, पुनर्वास और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को जल्द बहाल करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

नेपाल में जारी इस त्रासदी के बीच भारत-नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियां बढ़ा दी गई हैं। राहत एवं बचाव एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Show More

Related Articles

Back to top button