
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी राजनीतिक तनाव का असर एक बार फिर क्रिकेट पर पड़ सकता है। साल 2028 में पाकिस्तान में होने वाले महिला टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर हाइब्रिड मॉडल अपनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इस व्यवस्था के तहत टूर्नामेंट के अधिकतर मुकाबले पाकिस्तान में खेले जा सकते हैं, जबकि भारतीय महिला टीम के मैच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आयोजित कराने का विकल्प सामने आ सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की अंतिम घोषणा का इंतजार रहेगा।
चैंपियंस ट्रॉफी की तर्ज पर हो सकता है आयोजन
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं खेली जा रही हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी आयोजन स्थल को लेकर कई बार चर्चा होती रही है।
2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भी भारत के पाकिस्तान दौरे को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद टूर्नामेंट के लिए हाइब्रिड व्यवस्था अपनाई गई, जिसके तहत भारतीय टीम के मुकाबले पाकिस्तान से बाहर आयोजित किए गए। अब 2028 महिला टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भी इसी तरह के विकल्प पर चर्चा होने की बात कही जा रही है।
हालांकि, भारत के मैच UAE में कराने और बाकी मुकाबले पाकिस्तान में आयोजित करने की योजना को फिलहाल अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। इसके लिए ICC की आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।
भारत के मैचों के लिए UAE क्यों हो सकता है विकल्प?
संयुक्त अरब अमीरात पहले भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई बड़े मुकाबलों की मेजबानी कर चुका है। दुबई समेत UAE के अन्य क्रिकेट केंद्रों पर आधुनिक स्टेडियम और आयोजन संबंधी सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में भारत के मैचों के लिए यह एक संभावित न्यूट्रल वेन्यू हो सकता है।
UAE में मुकाबले कराने से भारतीय टीम को पाकिस्तान जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, खिलाड़ियों की यात्रा, ठहरने और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर आयोजन की योजना बनाई जा सकती है। हालांकि, किसी भी वेन्यू को लेकर अंतिम निर्णय ICC और संबंधित क्रिकेट बोर्डों की सहमति के बाद ही होगा।
सेमीफाइनल और फाइनल को लेकर भी उठेंगे सवाल
टूर्नामेंट में भारतीय टीम के प्रदर्शन के साथ नॉकआउट मुकाबलों के आयोजन स्थल पर भी नजर रहेगी। यदि भारतीय टीम सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंचती है, तो उन मैचों के वेन्यू को लेकर विशेष व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है।
ऐसी स्थिति में न्यूट्रल वेन्यू का विकल्प चर्चा में आ सकता है। वहीं, यदि भारत खिताबी मुकाबले तक नहीं पहुंचता है, तो पाकिस्तान में फाइनल आयोजित करने की संभावना बनी रह सकती है। फिलहाल सेमीफाइनल और फाइनल के वेन्यू को लेकर किसी अंतिम फैसले की पुष्टि नहीं हुई है।
12 टीमें लेंगी हिस्सा, क्वालिफिकेशन पर रहेगी नजर
2028 महिला टी-20 वर्ल्ड कप में कुल 12 टीमों के हिस्सा लेने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुछ टीमों को पिछले विश्व कप के प्रदर्शन और अन्य क्वालिफिकेशन मानदंडों के आधार पर जगह मिलनी है, जबकि मेजबान पाकिस्तान को सीधी एंट्री मिल सकती है। शेष स्थानों के लिए क्वालिफायर मुकाबले कराए जाने की संभावना है।
टूर्नामेंट में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी टीमों की भागीदारी पर नजर रहेगी। आयरलैंड समेत अन्य टीमों की जगह तय करने के लिए लागू क्वालिफिकेशन नियमों की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी होगा।
भारत-पाकिस्तान तनाव का क्रिकेट पर असर
भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट संबंधों पर राजनीतिक और सुरक्षा परिस्थितियों का लंबे समय से असर रहा है। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था। इसके बाद क्रिकेट मुकाबलों के दौरान भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर चर्चा हुई।
ऐसे माहौल में 2028 महिला टी-20 वर्ल्ड कप का आयोजन स्थल भी अहम मुद्दा बन सकता है। पाकिस्तान के लिए यह टूर्नामेंट बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर होगा, जबकि ICC के सामने सभी टीमों की सुरक्षा और टूर्नामेंट के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रहेगी।
पाकिस्तान को मिल सकता है बड़ा फायदा
महिला टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए आर्थिक और खेल के लिहाज से अहम मानी जा सकती है। बड़े टूर्नामेंट से देश में महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने, स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की मेजबानी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, टूर्नामेंट के आयोजन स्थल, भारत के मैचों और नॉकआउट मुकाबलों को लेकर स्थिति ICC के आधिकारिक फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल हाइब्रिड मॉडल की संभावना को लेकर चर्चाएं हैं, लेकिन इसे अंतिम व्यवस्था मानना जल्दबाजी होगी।



