कुलदीप को टीम में रखना ही क्यों? लॉर्ड्स में मौका नहीं मिलने पर भड़के अश्विन, टीम इंडिया के फैसले पर उठाए सवाल

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की 2-1 से हार के बाद पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर सवाल उठाए हैं। खास तौर पर उन्होंने पूरी सीरीज में कुलदीप यादव को एक भी मैच में मौका नहीं दिए जाने को लेकर नाराजगी जताई। अश्विन का मानना है कि अगर टीम मैनेजमेंट को कुलदीप पर भरोसा ही नहीं था तो उन्हें टीम के साथ रखने का कोई मतलब नहीं था।
अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर बोलते हुए अश्विन ने कहा कि अब उन्हें लगता है कि कुलदीप यादव को स्क्वॉड में रखने की बजाय वापस घर भेज देना चाहिए था उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि कुलदीप को टीम के साथ रहकर बल्लेबाजी पर काम करना चाहिए, लेकिन लॉर्ड्स वनडे के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। उन्होंने आगे कहा कि अगर आप खिलाड़ी को लगातार मौका ही नहीं देने वाले हैं तो उसे टीम के साथ रखने का क्या मतलब? उसे घर भेज देना चाहिए था।
अश्विन ने कुलदीप यादव को मौजूदा समय का दुनिया का सर्वश्रेष्ठ रिस्ट स्पिनर बताते हुए कहा कि उनके साथ जो व्यवहार किया जा रहा है, वह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि कुलदीप पिछले कुछ वर्षों में भारत के सबसे भरोसेमंद स्पिनरों में रहे हैं, लेकिन अब तीनों फॉर्मेट में उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में भारत ने अपनी रणनीति बदलते हुए अतिरिक्त बल्लेबाज की जगह चार अनुभवी तेज गेंदबाजों को खिलाया। वॉशिंगटन सुंदर और जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी के बावजूद टीम मैनेजमेंट ने कुलदीप यादव को आखरी प्लेइंग में भी शामिल नहीं किया।
अश्विन का कहना है कि जब टीम पहले ही बल्लेबाजी की गहराई कम कर चुकी थी और गेंदबाजी मजबूत करने का फैसला लिया गया था, तब भी कुलदीप को बाहर रखना ये दिखाता है कि टीम मैनेजमेंट को उन पर लगभग कोई भरोसा नहीं है।
मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने कुलदीप को बाहर रखने के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि टीम को लगा था कि लॉर्ड्स की पिच स्पिनरों के लिए ज्यादा मददगार नहीं होगी। हालांकि इंग्लैंड के आदिल राशिद और पार्ट-टाइम स्पिनर जैकब बेथेल दोनों ने विकेट हासिल किए, जिसके बाद भारत की चयन रणनीति पर और सवाल उठने लगे।
अश्विन ने साफ किया कि वो ये नहीं कह रहे कि कुलदीप यादव के खेलने से भारत निश्चित रूप से मैच जीत जाता। लेकिन उनका मानना है कि जिस मुकाबले में टीम ने बल्लेबाजी की बजाय गेंदबाजी को प्राथमिकता दी, उसमें भी कुलदीप को बाहर रखना बेहद निराशाजनक फैसला था।
रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि अगर यही स्थिति आगे भी जारी रही तो भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली स्पिनरों में से एक कुलदीप यादव का भविष्य सवालों के घेरे में आ सकता है।



