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JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर झारखंड बंद, कई जिलों में BJP कार्यकर्ताओं ने किया सड़क जाम

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। इसका आज राज्य के कई जिलों में देखने को मिला। 

जानकारी के मुताबिक, रांची, हजारीबाग, पलामू, गिरिडीह और चतरा जिलों के कई इलाकों में भाजपा कार्यकर्ता भारी संख्या में बंद के समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं। कई जगहों पर सड़कें जाम कर दी गई हैं। रांची के हरमू चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

प्रशासन की ओर से बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। पलामू जिले में भी बंद का असर सुबह से दिखाई देने लगा। डालटनगंज के छहमुहान और रेडमा चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पार्टी के पलामू जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

सिमडेगा में भी भाजपा कार्यकर्ता सुबह से सड़कों पर उतर आए। बीरू सहित कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग-143 को जाम कर दिया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारे लगाए। गिरिडीह के धनवार और चतरा के प्रतापपुर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सड़क जाम किए जाने की सूचना है। अन्य जिलों से भी बंद के समर्थन में प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं।

भाजपा ने सोमवार को घोषणा की थी कि बंद सुबह आठ बजे से रात 11 बजे तक रहेगा। पार्टी ने स्वास्थ्य सेवाओं और देवघर सहित धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले कांवड़ियों को बंद से मुक्त रखने की बात कही है। बंद का आह्वान सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुए टकराव के बाद किया गया।

JPSC-JSSC की विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच की मांग को लेकर हजारों छात्र विधानसभा की ओर बढ़े थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई स्तर पर बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। बाद में लाठीचार्ज भी हुआ। इस दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए। 

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