
Rishabh Pant: टीम इंडिया के व्हाइट-बॉल स्क्वॉड से बाहर किए जाने के बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने पहली बार इस पूरे मामले पर खुलकर बात की है। वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए पंत को टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह विकेटकीपर के विकल्प के तौर पर ध्रुव जुरेल को चुना गया है।
टीम से बाहर होना आसान नहीं- पंत
एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान ऋषभ पंत ने माना कि किसी खिलाड़ी के लिए चयन न होना भावनात्मक रूप से मुश्किल होता है। हालांकि, उन्होंने इसे खेल का हिस्सा बताते हुए कहा कि एक एथलीट को ऐसे उतार-चढ़ाव के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए।
पंत के मुताबिक, झटका लगने के बाद वापसी करना ही खिलाड़ी की असली परीक्षा होती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि खिलाड़ी को अपनी मेहनत और अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट रहना चाहिए।
टेस्ट में कायम है पंत का दबदबा
पंत भले ही फिलहाल वनडे टीम की योजनाओं में नजर नहीं आ रहे हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में वह भारत के अहम मैच-विनर्स में शामिल हैं। 50 ओवर के फॉर्मेट में हालांकि उनके मौके पिछले कुछ समय में सीमित हुए हैं।
पंत ने अपना आखिरी वनडे मुकाबला 2024 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्हें दक्षिण अफ्रीका सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम में जगह मिली, लेकिन प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया। इन मुकाबलों में केएल राहुल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली।
वनडे में ऐसा रहा है रिकॉर्ड
ऋषभ पंत ने अब तक 31 वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इस दौरान उनके बल्ले से 871 रन निकले हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 33.50 और स्ट्राइक रेट 106.22 का रहा है।
ईरानी कप में कप्तानी कर रहे पंत
फिलहाल पंत ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी कर रहे हैं। अब उनकी नजर अपनी फॉर्म और लय हासिल करने पर है। आने वाली टेस्ट सीरीज से पहले पंत के लिए यह टूर्नामेंट खुद को तैयार करने का अहम मौका माना जा रहा है।
टीम इंडिया की वनडे योजनाओं से फिलहाल बाहर होने के बावजूद पंत का फोकस अपनी वापसी पर है। उनके बयान से साफ है कि वह चयन के झटके को चुनौती के तौर पर लेकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।



