ग्लासगो में भारत का दमदार प्रदर्शन, पैरा-एथलीटों ने जीते 3 गोल्ड समेत 7 मेडल

भारतीय पैरा-एथलीटों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय पैरा-एथलीटों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। ग्लासगो में आयोजित इन खेलों में भारत ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए कुल 7 पदक जीते जिसमें 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य खिलाड़ियों ने अपने नाम किए। इस बेमिसाल कामयाबी के दम पर भारतीय पैरा-खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ खेलों के इतिहास में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुकाम हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया।
पुरुषों की शॉट पुट एफ-57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोमन राणा ने कहा कि ये पदक सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे देश, भारतीय सेना और उन सभी लोगों का है जिन्होंने उनके सफर में साथ दिया। उन्होंने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स है और वे उसके लिए पूरी मेहनत करेंगे।
महिलाओं की शॉट पुट एफ-57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली शर्मिला धनखड़ ने कहा कि देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह आगे भी कड़ी मेहनत जारी रखेंगी ताकि भारत के लिए और अधिक पदक जीत सकें।
भारतीय पैरा-एथलीट सुवर्णा राज ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत खेलों में और भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 के बाद से भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और भविष्य में भारत पदकों की संख्या के मामले में दुनिया की बड़ी खेल शक्तियों को भी चुनौती देगा।
उनका ये विश्वास हाल ही में समाप्त हुए ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय पैरा-एथलीटों के ऐतिहासिक प्रदर्शन से और मजबूत होता है। सुवर्णा राज ने उम्मीद जताई है कि लगातार मिल रहे सरकारी और सामाजिक समर्थन के दम पर भारतीय खिलाड़ी भविष्य में चीन जैसी ताकतवर देश को भी पीछे छोड़ देंगे।
पुरुषों की शॉट पुट स्पर्धा में पदक जीतने वाले शुभम जुयाल ने कहा कि देश के लिए पदक जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों ने कई अहम पदक जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित किया। शुभम ने कहा कि चार साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होंगे और भारतीय खिलाड़ी घरेलू मैदान पर और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर देंगे।



