Hair Fall Treatment: बालों के लिए सप्लीमेंट लेने से पहले करा लें ये 5 टेस्ट, जानें हेयर फॉल की असली वजह

बालों का झड़ना आजकल कई लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। ऐसे में लोग अक्सर बिना डॉक्टर की सलाह के बायोटिन कैप्सूल, हेयर ग्रोथ सप्लीमेंट और मल्टीविटामिन लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाल झड़ने की वजह हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है? शरीर में आयरन की कमी, थायरॉइड की समस्या, पोषण की कमी, तनाव या हाल ही में हुई बीमारी भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकती है।
इसलिए बालों को घना बनाने के लिए सप्लीमेंट लेने से पहले हेयर फॉल की वजह जानना जरूरी है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, डॉक्टर बालों और स्कैल्प की जांच के बाद जरूरत के मुताबिक ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। आइए जानते हैं उन जांचों के बारे में, जो कुछ मामलों में बाल झड़ने का कारण समझने में मदद कर सकती हैं।
1. CBC टेस्ट से पता चल सकती है खून की कमी
CBC यानी कम्प्लीट ब्लड काउंट एक सामान्य रक्त जांच है, जिससे हीमोग्लोबिन और विभिन्न रक्त कोशिकाओं की स्थिति का पता चलता है। अगर बाल झड़ने के साथ थकान, कमजोरी, सांस फूलना या पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग जैसी परेशानियां भी हैं, तो डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। इसके नतीजों से एनीमिया की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
2. Serum Ferritin टेस्ट से समझें आयरन का स्तर
शरीर में आयरन की कमी भी बाल झड़ने की संभावित वजहों में शामिल है। सीरम फेरिटिन टेस्ट शरीर में आयरन के भंडार का आकलन करने में मदद करता है। खासकर उन लोगों में इसकी जरूरत हो सकती है, जिन्हें ज्यादा मासिक रक्तस्राव होता है या जिनके खानपान में आयरन की कमी की आशंका है।
हालांकि, फेरिटिन का स्तर सूजन और कुछ अन्य स्थितियों से भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए रिपोर्ट के आधार पर खुद से आयरन की गोलियां शुरू न करें। जरूरत से ज्यादा आयरन लेना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
3. Thyroid Test से पता चलेगी थायरॉइड की गड़बड़ी
थायरॉइड हार्मोन में असंतुलन होने पर बाल पतले होने या झड़ने की समस्या हो सकती है। अगर इसके साथ वजन में अचानक बदलाव, ज्यादा थकान, ठंड या गर्मी असामान्य रूप से लगना अथवा मासिक धर्म में अनियमितता जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर थायरॉइड की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
आमतौर पर शुरुआती जांच में TSH टेस्ट किया जाता है। इसके नतीजों और मरीज के लक्षणों के आधार पर डॉक्टर आगे FT4 जैसी जांच कराने का सुझाव दे सकते हैं।
4. Vitamin B12 और Vitamin D की जांच
शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी भी बालों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। विटामिन B12 की कमी होने पर थकान, कमजोरी और हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। वहीं, विटामिन D की कमी और बाल झड़ने के बीच संबंध पर भी अध्ययन हुए हैं।
हालांकि, हर व्यक्ति को ये दोनों टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती। अगर खानपान सीमित है, पोषण की कमी का संदेह है या अन्य लक्षण मौजूद हैं, तो डॉक्टर इनकी जांच की सलाह दे सकते हैं।
5. Zinc टेस्ट की जरूरत कब पड़ती है?
जिंक शरीर के सामान्य कामकाज और कई जैविक प्रक्रियाओं के लिए जरूरी मिनरल है। इसकी गंभीर कमी कुछ लोगों में बाल झड़ने से जुड़ी हो सकती है। अगर व्यक्ति लंबे समय से सीमित आहार ले रहा है, पोषक तत्वों के अवशोषण में समस्या है या डॉक्टर को जिंक की कमी का संदेह है, तो इस जांच पर विचार किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि जिंक सप्लीमेंट हर तरह के हेयर फॉल का इलाज नहीं है। बिना जरूरत ज्यादा मात्रा में जिंक लेने से शरीर में कॉपर की कमी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
सप्लीमेंट लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
बाल झड़ने की समस्या होने पर केवल विटामिन की गोलियों पर निर्भर रहने के बजाय इसके मूल कारण को समझना जरूरी है। इसके लिए डॉक्टर को अपनी डाइट, हाल में हुई बीमारी, वजन में बदलाव, मासिक धर्म और पहले से ली जा रही दवाओं के बारे में बताएं।
हर व्यक्ति के लिए सभी जांच जरूरी नहीं होतीं। डॉक्टर लक्षणों, बाल झड़ने के पैटर्न, स्कैल्प की स्थिति और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर टेस्ट चुनते हैं। अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगें, सिर पर गोल-गोल खाली पैच बनें या स्कैल्प में खुजली, लालिमा अथवा दर्द हो, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
ध्यान दें: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। कोई भी सप्लीमेंट या हाई-डोज विटामिन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।



