“मिल का पत्थर” है मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना – सावित्री जगत

महिलाओं की सच्ची हितैषी है साय सरकार

मिशन महिला शक्ति अभियान के तहत झुग्गी बस्तियों में योजना की चर्चा, महिलाओं ने कहा – देश में नंबर वन हैं मुख्यमंत्री साय
रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आज 10 फरवरी 2026 को रायपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप से अत्यंत सफल रहा। इस भव्य आयोजन में रायपुर जिले के 1,316 जोड़ों सहित प्रदेशभर से 6,412 से अधिक जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधे। कार्यक्रम में प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
उक्त आयोजन की अभूतपूर्व सफलता पर उत्कल महिला महा मंच की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सावित्री जगत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज में समानता, समरसता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “मिल का पत्थर” साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक स्वीकार्यता को सशक्त आधार प्रदान करती है। शासन द्वारा दी जा रही सहायता राशि ने जरूरतमंद परिवारों को वास्तविक संबल दिया है।
श्रीमती सावित्री जगत ने विशेष रूप से इस बात की प्रशंसा की कि कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिससे सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का मजबूत संदेश पूरे प्रदेश में गया।
उन्होंने बताया कि उत्कल महिला महा मंच द्वारा 8 फरवरी से 8 मार्च (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) तक राजधानी रायपुर में “मिशन महिला शक्ति अभियान” संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत झुग्गी-बस्तियों एवं शहरी क्षेत्रों में महिलाओं से संवाद किया गया, जहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पर चर्चा हुई। इस दौरान महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना महिलाओं के लिए “मिल का पत्थर” है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय देश के नंबर वन मुख्यमंत्री हैं।
अंत में श्रीमती सावित्री जगत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन को इस सफल, सुव्यवस्थित और संवेदनशील आयोजन के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रदेश की बेटियों को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त बनाने में निरंतर जारी रहेंगी।



