अमेरिका संग टैरिफ पर तनातनी के बीच PM मोदी से डोनाल्ड ट्रंप ने की फोन पर बात, ये बातचीत क्यों अहम?

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर उनसे बात की है। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ऐसे वक्त में हुई है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर तनातनी जारी है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की ये जानकारी दी है। सर्जियो गोर भारत में अमेरिकी राजदूत और दक्षिण और मध्य एशिया के भी विशेष दूत हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट कर राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई बातचीत की जानकारी साझा की है। हालांकि, गोर ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई।
यह संवाद भारत और अमेरिका के बीच लगातार जारी उच्चस्तरीय संपर्क का हिस्सा माना जा रहा है। बड़ी बात यह है कि दोनों नेताओं के बीच फोन पर ये वार्ता उस दिन हुई जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वॉशिंगटन की तीन दिन की यात्रा शुरू की है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच आखिरी बार पर फोन पर पिछले साल 10 दिसंबर को हुई थी। उस दौरान टैरिफ को लेकर चर्चा की गई थी। टैरिफ विवाद के बाद दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी फोन वार्ता थी।
बता दें कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर अहम खनिज आपूर्ति श्रृंखला पर वॉशिंगटन के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर आज ही (सोमवार को) रवाना हुए हैं। जयशंकर की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसे दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच संबंधों में आई तीव्र गिरावट के बाद स्थिति को सुधारने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।
ऐसी संभावना है कि जयशंकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो से पांच फरवरी तक अमेरिका की यात्रा करेंगे और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई ‘अहम खनिज मंत्रिस्तरीय’ बैठक में भाग लेंगे।” इसमें कहा गया कि बैठक में आपूर्ति शृंखला के लचीलेपन, स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। बयान में कहा गया, ”इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री अमेरिका प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठकें भी करेंगे।”
ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद भारत एवं अमेरिका के संबंधों में भारी तनाव बना हुआ है। इस 50 प्रतिशत शुल्क में रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है।इसके अलावा मई में भारत एवं पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव समाप्त कराने संबंधी ट्रंप के दावे और अमेरिका की नयी आव्रजन नीति सहित कई अन्य मुद्दे के कारण भी संबंधों पर असर पड़ा है।



