यूपी में NHM संविदाकर्मियों को बड़ी राहत, अब मिल सकेगा 16 दिन का विशेष अवकाश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदाकर्मियों के लिए राहत की खबर है। योगी सरकार ने विशेष अवकाश से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत पात्र संविदा कर्मचारी शादी, परिवार में मृत्यु, गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने जैसी परिस्थितियों में अधिकतम 16 दिन का विशेष अवकाश ले सकेंगे।
शादी से लेकर बीमारी तक में मिलेगा अवकाश
एनएचएम की राज्य इकाई की ओर से जारी आदेश के अनुसार, संविदाकर्मी स्वयं के विवाह के साथ बेटे-बेटी या भाई-बहन की शादी के लिए भी विशेष अवकाश ले सकेंगे। इसके अलावा परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु, गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने जैसी परिस्थितियों में भी इस सुविधा का लाभ लिया जा सकेगा।
विशेष अवकाश की अधिकतम सीमा 16 दिन निर्धारित की गई है। हालांकि, अवकाश की स्वीकृति संबंधित नियमों और कर्मचारी के उपलब्ध लीव बैलेंस के अनुसार होगी।
आवेदन के साथ देने होंगे जरूरी दस्तावेज
एनएचएम की राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई ने मानव संसाधन नीति में मेडिकल लीव से संबंधित प्रावधानों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत कर्मचारियों को विशेष अवकाश लेने के लिए कारण बताते हुए आवेदन करना होगा। आवेदन में अवकाश की आवश्यक अवधि का उल्लेख करना भी जरूरी होगा।
अवकाश के कारण के अनुसार कर्मचारियों को चिकित्सा प्रमाणपत्र, अस्पताल में भर्ती होने के रिकॉर्ड, मृत्यु प्रमाणपत्र, विवाह से संबंधित प्रमाण या अन्य जरूरी दस्तावेज विभाग में जमा करने पड़ सकते हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार अवकाश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
संविदाकर्मियों को मिलेगी राहत
विशेष अवकाश के नियमों में बदलाव से उन एनएचएम संविदाकर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पारिवारिक जिम्मेदारियों या गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों के दौरान छुट्टी की जरूरत होती है। नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे जरूरी अवसरों पर कर्मचारियों को नियमानुसार अवकाश उपलब्ध कराना है।
शिक्षामित्रों को भी आयु सीमा में छूट
उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी राहत का फैसला लिया गया है। परिषदीय स्कूलों में 11,508 सहायक अध्यापकों के पदों पर चल रही चयन प्रक्रिया में शिक्षामित्रों को अधिकतम 60 वर्ष की आयु तक आवेदन करने की छूट देने का निर्णय लिया गया है।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को निर्देश भेजे गए हैं। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है।
सामान्य अभ्यर्थियों के लिए भर्ती में आयु सीमा 21 से 40 वर्ष बताई गई है, जबकि शिक्षामित्रों के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे पात्र शिक्षामित्रों को चयन प्रक्रिया में भाग लेने का अतिरिक्त अवसर मिल सकेगा।



