Paytm Payments Bank को RBI की बड़ी कार्रवाई, Scheduled Banks की लिस्ट से हटाया; जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Paytm Payments Bank Limited (PPBL) को अपनी Scheduled Banks की सूची से बाहर कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने 7 अक्टूबर को जारी बयान में इसकी जानकारी दी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब Paytm Payments Bank पहले ही RBI की नियामकीय कार्रवाई और बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने के बाद बंद होने की प्रक्रिया से गुजर रहा है।
RBI की इस कार्रवाई का Paytm के सामान्य UPI यूजर्स पर सीधे असर नहीं पड़ेगा। Paytm की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उसकी UPI सेवाएं मल्टी-बैंक सिस्टम के तहत संचालित होती हैं। कंपनी ने यह भी कहा है कि मार्च 2024 में ही उसने Paytm Payments Bank के साथ अपने मुख्य कारोबारी समझौते समाप्त कर दिए थे।
Scheduled Bank की लिस्ट से हटाने का क्या मतलब?
RBI Act, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल बैंकों को Scheduled Banks कहा जाता है। इस सूची में शामिल होने के लिए बैंकों को केंद्रीय बैंक की ओर से निर्धारित कुछ शर्तों और नियमों का पालन करना होता है।
Paytm Payments Bank का नाम अब इस सूची से हटा दिया गया है। यह कदम बैंक के लाइसेंस रद्द किए जाने और उसके बाद शुरू हुई बंद करने की प्रक्रिया के क्रम में उठाया गया है।
पहले ही रद्द हो चुका है बैंकिंग लाइसेंस
Paytm Payments Bank पर RBI की कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। केंद्रीय बैंक ने पहले भी बैंक के कामकाज को लेकर कई नियामकीय कदम उठाए थे।
अप्रैल में RBI ने Paytm Payments Bank का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। उस समय केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक के पास अपनी सभी जमा देनदारियों को चुकाने के लिए पर्याप्त धन मौजूद है।
इससे पहले RBI ने बैंक की गतिविधियों में कथित नियम उल्लंघन और निगरानी से जुड़ी चिंताओं के आधार पर कई प्रतिबंध लगाए थे।
2022 में नए ग्राहक जोड़ने पर लगी थी रोक
Paytm Payments Bank पर पहली बड़ी कार्रवाई मार्च 2022 में हुई थी। RBI ने बैंक को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। साथ ही बैंक को अपने IT सिस्टम का व्यापक ऑडिट कराने के लिए बाहरी IT ऑडिट फर्म नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था।
इसके बाद जनवरी और फरवरी 2024 में बैंक की सेवाओं पर और प्रतिबंध लगाए गए। इनमें खातों, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स और वॉलेट में नए डिपॉजिट, क्रेडिट और टॉप-अप जैसी गतिविधियों पर रोक शामिल थी।
Paytm UPI यूजर्स को घबराने की जरूरत?
Paytm Payments Bank और Paytm की UPI सेवा को एक ही चीज समझना सही नहीं होगा। कंपनी के मुताबिक, Paytm की UPI सेवाएं मल्टी-बैंक मॉडल के जरिए चलती हैं। इसलिए PPBL को Scheduled Banks की सूची से हटाए जाने का मतलब यह नहीं है कि Paytm की UPI सेवा बंद हो जाएगी।
यानी जो ग्राहक Paytm ऐप के जरिए UPI पेमेंट करते हैं, उनके लिए इस कार्रवाई का सीधा मतलब Paytm UPI के बंद होने से नहीं है।
क्यों महत्वपूर्ण है RBI का यह फैसला?
Paytm Payments Bank पर लंबे समय से चल रही नियामकीय कार्रवाई का यह एक और महत्वपूर्ण चरण है। लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक की बैंकिंग गतिविधियां समाप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी और अब उसे Scheduled Banks की सूची से भी हटा दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में RBI की मुख्य चिंता बैंकिंग नियमों के अनुपालन और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा रही है। दूसरी ओर, Paytm ने लगातार यह स्पष्ट किया है कि उसकी प्रमुख डिजिटल पेमेंट सेवाएं वैकल्पिक बैंकिंग व्यवस्था के जरिए जारी रहेंगी।



