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दूसरों का बिगाड़ने चला था, खुद का नुकसान कर बैठा ईरान, होर्मुज पर नाकेबंदी नाकाम, गैर ईरानी तेल सप्लाई 50% उछला, तेहरान से एक बूंद नहीं निकली!

Crude Oil Supply: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. बीते 105 दिनों ने ईरान ने स्ट्रेज ऑफ होर्मुज को बंद कर रखा है. ईरान के इस फैसले से कच्चे तेल और गैस सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता बाधित है, लेकिन जून 2026 में इस रास्ते से तेल सप्लाई को लेकर राहतभरी खबर आई है.  Vortexa डेटा के मुताबिक जून 2026 में अब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई में 50 फीसदी का उछाल आया है. 

जून में होर्मुज से तेल की आवाजाही तेज हुई है. एनर्जी फर्म वोर्टेक्सा के डेटा के मुताबिक शुरुआती 10 दिनों में ही होर्मुज से नॉन ईरानी क्रूड ऑयल के निर्यात में बढ़त देखी गई है. Vortexa के मुताबिक होर्मुज से हर दिन 1.8 मिलियन बैरल कच्चा तेल ट्रांजिट किया गया है. जबकि मई में ये आंकड़ा 1.2 मिलियन बैरल था.  सैटेलाइट ट्रैकिंग ने इन आंकड़ों को पुष्टि की है. ये खबर वैश्विक तेल बाजार के लिए राहतभरी खबर है.  

होर्मुज बंद होने के सबसे बड़ा नुकसान ईरान को हो रहा 

28 फरवरी 2026 को होर्मुज बंद करने ईरान ने ग्लोबल ऑयल मार्केट में उथल-पुथल मचा दिया, लेकिन इसका सबसे ज्यादा नुकसान वो खुद झेल रहा है.  Vortexa डेटा के मुताबिक होर्मुज के रास्ते से ईरानी तेल का सप्लाई बिल्कुल ठप पड़ा है. युद्ध के बीच ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के सभी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक की नाकाबंदी लगा दी. अमेरिका की मंशा है कि ईरान चाहकर भी कोई निर्यात नहीं कर सके, ताकि उसका फॉरेक्स रिजर्व खाली हो जाए और वो युद्ध से पीछे हट जाए. इसका असर ईरान के निर्यात पर दिखा है.  

ईरान कितना तेल उत्पादन करता है, कितना निर्यात गिरा है ?  

ईरान ओपेक देशों में चौथा सबसे बड़ा तेल उत्पादक है. हर दिन 33 लाख बैरल कच्चे तेल कता प्रोडक्शन करता है.  अमेरिका के ऊर्जा सूचना प्रशासन के मुताबिक मिडिल ईस्ट के तेल भंडार का एक चौथाई ईरान प्रोड्यूस करता है.वोर्टेक्सा के आंकड़ों के मुताबिक ईरान ने मार्च में औसतन 1.84 मिलियन बैरल प्रतिदिन और फरवरी 2026 में 2.15 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल का  निर्यात किया है. अमेरिका के प्रतिबंधों और नाकेबंदी ने ईरान की कमर तोड़ दी है. ईरानी तेल का 90 प्रतिशत चीन को किया जाता है. ईरान के राजस्व में तेल निर्यात एक अहम हिस्सा है, EIA के मुताबिक साल 2023 में ईरान की तेल कंपनियों ने तेल निर्यात से लगभग 53 अरब डॉलर की कमाई की, लेकिन अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी ने उसकी इस कमाई को रोक दिया है. 

ईरान की धमकियों का तेल बाजार पर नहीं दिख रहा है असर 

ईरान ने पहले होर्मुज पर टोल लगाने का फैसला किया, फिर ऐलान किया कि वो किसी भी जहाज को वहां से गुजरने नहीं देगा, लेकिन ईरान की इन धमकियों का कच्चे तेल के बाजार पर कुछ खास असर नहीं दिखा.कच्चे तेल की कीमत 100-110 डॉलर प्रति बैरल के आसपार घूमती रही. 12 जून को ब्रेंट क्रूड ऑयल 2% की गिरावट के साथ $88.79 प्रति बैरल पर पहुंच गया. ईरान की चाहत थी कि वो होर्मुज को बंद कर अमेरिका के साथ मोलभाव कर लें, वो पूरा नहीं हो सका है.  

दरअसल होर्मुज के रास्ते से ‘डार्क वोयाज’ (Dark Voyages) की मदद से टैंकरों की आवाजाही जारी रही. ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) सिग्नल बंद करके तेल और गैस के जहाज गुपचुप तरीके से इस गलियारे को पार करते रहे हैं. हालांकि जिस रास्ते से रोजाना 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता था, वो आंकड़ा फिलहाल नहीं पूरा हो सका है, लेकिन ईरान की मंशा भी पूरी नहीं हो सकी है, बल्कि अगर ये कहे कि होर्मुज को बंद कर ईरान ने दूसरों से ज्यादा खुद का ही नुकसान किया, तो भी गलत नहीं होगा. 

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