नर्मदा की सहस्त्रधारा में रील बनाने कई बार कूदा, फिर तेज बहाव में बह गया इंदौर का युवक, 24 घंटे बाद चट्टानों में ऐसे फंसा मिला

खरगोन: महेश्वर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा में नर्मदा नदी के तेज बहाव में बहा इंदौर का 30 वर्षीय युवक करीब 24 घंटे बाद मृत अवस्था में मिला। रविवार शाम से चलाए जा रहे सघन सर्च ऑपरेशन के बाद सोमवार शाम पुलिस और गोताखोरों की टीम ने युवक का शव चट्टानों के बीच फंसा हुआ बरामद किया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
महेश्वर थाना प्रभारी जगदीश गोयल ने बताया कि मृतक की पहचान इंदौर के निपानिया निवासी अर्पित हाड़ा (30) के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी, तीन वर्षीय बेटे, छोटे भाई और भाभी के साथ महेश्वर घूमने आया था। रविवार शाम करीब चार बजे पूरा परिवार सहस्त्रधारा में स्नान कर रहा था। इसी दौरान अर्पित प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर चला गया और नर्मदा नदी की तेज धारा की चपेट में आ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की और मदद के लिए आवाजें भी लगाईं, लेकिन तेज बहाव के कारण वह देखते ही देखते नदी में बह गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक को तेज धारा में बहते हुए देखा जा सकता है।
सूचना मिलते ही पुलिस, गोताखोरों और स्थानीय बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू की। रविवार देर शाम तक चले अभियान में सफलता नहीं मिली। इसके बाद सोमवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। देर शाम युवक का शव सहस्त्रधारा क्षेत्र में चट्टानों के बीच फंसा हुआ मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि अर्पित इंदौर के निपानिया क्षेत्र में केंचुए की खाद (वर्मी कम्पोस्ट) बनाने का व्यवसाय करता था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि, युवक कथित तौर पर वीडियो रील बनाने के लिए बार-बार नदी में छलांग लगा रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
महेश्वर एसडीएम पूर्वा मंडलोई ने बताया कि सहस्त्रधारा क्षेत्र में पहले से चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड्स लगाए गए हैं, लेकिन कई पर्यटक सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी कर प्रतिबंधित हिस्सों में चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सहस्त्रधारा पर्यटन स्थल को आम लोगों के लिए बंद किया जाएगा। साथ ही स्थायी रूप से गोताखोरों की तैनाती और अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



