‘बांग्लादेश का इतिहास बुलडोजर से नहीं मिटा पाओगे’, प्रदर्शनकारियों को शेख हसीना ने दी सख्त चेतावनी

नई दिल्ली: बांग्लादेश में एक फिर हिंसा की आग भड़क उठी है। बुधवार शाम प्रदर्शनकारियों ने बगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान मेमोरियल पर हमला करते हुए तोड़फोड़ और आगजनी की। इस घटना पर बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नाराजगी जाहिर करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी ढांचे को मिटाया जा सकता है, लेकिन इतिहास को नहीं मिटाया जा सकता। शेख हसीना ने कहा कि उनके खिलाफ बांग्लादेश में शुरू किया गया आंदोलन दरअसल उनकी हत्या के लिए है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव के जरिए शेख हसीना ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं बांग्लादेश के लोगों से न्याय चाहती हूं। क्या मैंने अपने देश के लिए कुछ नहीं किया? फिर इतना अपमान क्यों? मेरी बहन और मैं जिस एकमात्र याद से जुड़े हैं, वह भी मिटाया जा रहा है। एक संरचना को मिटाया जा सकता है, लेकिन इतिहास को नहीं मिटाया जा सकता। इतना ही नहीं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है।
अपने ऑनलाइन संबोधन में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि उनके पास अभी भी इतनी ताकत नहीं है कि वे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और उस आजादी को बुलडोजर से नष्ट कर सकें, जिसे हमने लाखों शहीदों की जिंदगी की कीमत पर हासिल किया है। वे घर को ढहा सकते हैं, लेकिन इतिहास को नहीं। उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है। बुलडोजर से इतिहास नहीं मिटा करता है।
2024 में बांग्लादेश को छोड़कर भारत में शरण ले चुकी शेख हसीना द्वारा अपने समर्थकों को भाषण देने की तैयारी के बाद हिंसा भड़क उठी। उन पर अपने शासन के दौरान असहमति को दबाने का आरोप लगाया गया था और कई प्रदर्शनकारियों का मानना था कि उनका संबोधन उनकी अवामी लीग राजनीतिक पार्टी द्वारा एक महीने तक चलने वाले विरोध अभियान की शुरुआत का संकेत देगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर हसीना ने अपना भाषण जारी रखा तो वे इमारत को तबाह कर देंगे।