
रणजी ट्रॉफी 2025-26 के तीसरे दौर में विदर्भ के यश राठौड़ ने तमिलनाडु के खिलाफ शानदार शतक जड़ते हुए भारतीय घरेलू क्रिकेट में नया आयाम स्थापित किया है। राठौड़ ने 133 रनों की लाजवाब पारी खेली। उनकी यह पारी न केवल टीम के लिए अहम रही बल्कि उनके करिअर के आंकड़े भी चमका गई।
इस सीजन में उन्होंने अब तक दलीप ट्रॉफी, ईरानी और रणजी मिलाकर खेले गए 7 मैचों में 775 रन बनाए हैं जो 110.7 की औसत से हैं। सोमवार को उनकी इस पारी ने राठौड़ को भारतीय क्रिकेट के कुछ बड़े नामों से भी आगे कर दिया। अब उनके नाम 60 की औसत से 2,280 रन दर्ज हैं और वे कम से कम 2,000 रन बनाने वाले किसी भी भारतीय बल्लेबाज के लिए छठे सबसे ज्यादा प्रथम श्रेणी औसत वाले बल्लेबाज हैं।
कांबली और विजय हजारे को छोड़ा पीछे
इस पारी के बाद उन्होंने भारत के महानतम बल्लेबाज विजय हजारे (58.38) और विनोद कांबली (59.67) को पीछे छोड़ दिया है। वह अब उन 12 खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने 60 या उससे ज्यादा की औसत से कम से कम 2,000 प्रथम श्रेणी रन बनाए हैं और बिना दोहरा शतक बनाए ऐसा करने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं।
राठौड़ पिछले साल रणजी ट्रॉफी में 10 मैचों में 960 रन बनाकर शीर्ष रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। इस बार भी उनका बल्ला उसी जोश और स्थिरता से रन उगल रहा है। संकेत साफ हैं कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य में एक बेहद भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज मिल सकता है।
तय करके लक्ष्य हासिल करने पर जोर
यश के मेंटोर व नागपुर क्रिकेट एकेडमी के संचालक माधव बाकरे ने यश की बैटिंग खूबियों के बारे में बताया कि वह लंबी-लंबी पारियां खेलने में माहिर है। शुरुआत करने से पूर्व ही लक्ष्य तय कर लेता है कि उसे कहां तक पहुंचना है या कितने रन बनाना है। यश 2014 से एनसीए में ट्रेनिंग ले रहा है। ग्राउंड पर आने के बाद 3-4 घंटे तक लगातार अलग-अलग पिच पर प्रैक्टिस करता है।
यश को क्रिकेट में लाने का श्रेय उनके बड़े पिता पवन राठौड़ को जाता है। यह सपना उन्हीं का था। उन्होंने सुबह से शाम तक लगातार यश को क्रिकेट सीखाने पर काम किया। यश रणजी हाईएस्ट रन स्कोरर के साथ अंडर-19 में 2 साल हाईएस्ट रन स्कोरर रह चुका है। हमारी एकेडमी में हम खिलाड़ियों को लगातार लंबी पारियां खेलकर उसे 100 में कन्वर्ट करने पर जोर देते हैं।
मुझे इस साल दोहरा शतक बनाना है
विजय हजारे और विनोद कांबली के औसत से ऊपर निकलने के बाद यश ने चर्चा के दौरान अपने इस साल के लक्ष्य पर फोकस करते हुए कहा कि मुझे इस साल दोहरा शतक बनाने के साथ-साथ व्हाइट बॉल में भी बेहतर करना है। लंबी-लंबी पारियां खेलने पर वे कहते हैं कि इसके लिए मैं एनसीए की भूमिका को महत्वपूर्ण मानता हूं। वे सभी तरह की पिच हमें मुहैया कराते हैं।
अलग-अलग शहरों की पिचों पर मैच खेलने के दौरान हमें इसमें मदद मिलती है। एक बार जब मुझे स्टार्ट मिल जाता है तो सिचुएशन के हिसाब से मैं अपनी ताकत पर फोकस करते हुए रन बनाता हूं। हजारे और कांबली से आगे निकलने पर उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात है। मेरे बड़े पापा का सपना मैं साकार कर रहा हूं। मेरे पीछे मेहनत करने वाले उन सभी का शुक्रिया। मैं लगातार अपने खेल पर फोकस कर जल्द ही देश के लिए अपने आप को खेलते देखना चाहता हूं।
फैक्ट फाइल
- 775 रन बनाए हैं 7 मैचों में
- 60 की औसत के साथ हजारे-कांबली से आगे निकले
- 960 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर थे बीते सत्र में
सर्वोच्च प्रथम श्रेणी औसत, पूरी सूची
| नाम | रन | औसत | शतक | अर्ध शतक | सर्वोच्च स्कोर |
|---|---|---|---|---|---|
| डॉन ब्रैडमैन | 28,067 | 95.14 | 117 | 69 | 452* |
| विजय मर्चेंट | 13,470 | 71.64 | 45 | 52 | 359* |
| जॉर्ज हेडली | 9,921 | 69.86 | 33 | 44 | 344* |
| अजय शर्मा | 10,120 | 67.46 | 38 | 36 | 259* |
| बिल पॉन्सफोर्ड | 13,819 | 65.18 | 47 | 43 | 437 |
| बिल वुडफुल | 13,388 | 64.99 | 49 | 58 | 284 |
| सरफराज खान | 4,760 | 64.32 | 16 | 15 | 301* |
| शांतनु सुग्वेकर | 6,563 | 63.10 | 19 | 26 | 299* |
| कामिंदु मेंडिस | 5,052 | 61.60 | 18 | 24 | 200* |
| केसी इब्राहिम | 4,716 | 61.24 | 14 | 22 | 250 |
| दरविश रसूली | 2,681 | 60.93 | 10 | 9 | 249 |
| यश राठौड़ | 2,280 | 60.00 | 9 | 10 | 194 |
| विनोद कांबली | 9,965 | 59.67 | 35 | 44 | 262 |
| विजय हजारे | 18740 | 58.38 | 60 | 73 | 316* |



