वक्फ बिल के खिलाफ देश भर में विरोध की लहर, कोलकाता, अहमदाबाद में वक्फ बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन

Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल संसद से पास हो चुका है. अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. महामहिम की मंजूरी के बाद यह कानून की शक्ल ले लेगा. हालांकि वक्फ बिल पास होने के बाद भारत के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है. शुक्रवार को कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद सहित भारत के कई शहरों में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. विरोध कर रहे लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, वक्फ बिल का समर्थन करने वाले नेताओं के पुतले फूंके.
कोलकाता में बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे लोग
वक्फ बिल के खिलाफ पश्चिम बंगाल में भारी प्रदर्शन हो रहा है. शुक्रवार को बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुस्लिम समुदाय की भारी भीड़ राष्ट्रीय ध्वज लहराते वक्फ बिल के विरोध के पोस्टर लिए सड़कों पर उत आए. एक न्यूज एजेंसी ने बताया कि कई विरोध प्रदर्शन वक्फ संरक्षण के लिए संयुक्त मंच द्वारा आयोजित किए गए थे.
अहमदाबाद में भी भारी विरोध
गुजरात के अहमदाबाद से भी विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आई है. अहमदाबाद में हो रहे प्रदर्शन के वीडियो में पुलिस सड़क पर बैठे बुजुर्ग प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने की कोशिश करती नजर आ रही है. गुजरात में पुलिस ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीम या AIMIM की राज्य इकाई के प्रमुख और उसके 40 सदस्यों को हिरासत में लिया.
साउथ एक्टर विजय की पार्टी का विरोध
दक्षिण भारत से भी विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आई. चेन्नई में अभिनेता विजय की तमिलगा वेत्री कझगम ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी. टीवीके कार्यकर्ता चेन्नई और कोयंबटूर तथा तिरुचिरापल्ली जैसे प्रमुख शहरों में एकत्र हुए और ‘वक्फ विधेयक को अस्वीकार करो’ तथा ‘मुसलमानों के अधिकार मत छीनो’ जैसे नारे लगाए. साउथ एक्टर विजय ने वक्फ विधेयक को “लोकतंत्र विरोधी” बताया तथा कहा कि इसके पारित होने से भारत की धर्मनिरपेक्ष नींव पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है.
बेंगलुरु में सड़कों पर उतरी महिलाएं
बेंगलुरु से भी विरोध की तस्वीरें सामने आई. बेंगलुरु में वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी दिखी. बेंगलुरु में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए. यूपी की राजधानी लखनऊ में भी तनाव दिखा. पुलिस उपायुक्त ने कहा, “हमने सभी से पूरा विधेयक पढ़ने के बाद ही कोई राय बनाने को कहा है और हम सोशल मीडिया पर लगातार नज़र रख रहे हैं…”