हमर छत्तीसगढ़

जंगली हाथियों के हमले से ग्रामीण की मौत

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र के पतरापारा में हाथियों के हमले से ग्रामीण की मौत हो गई। जंगली हाथियों ने शव को बुरी तरह से कुचल दिया था। सिर को कुचल देने के कारण मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। मृतक के शव को घटनास्थल से उठवा लिया गया है। मृतक की पहचान की कोशिश की जा रही है।मालूम हो कि वन परिक्षेत्र उदयपुर में नौ हाथियों का दल विगत 11 दिसम्बर से डेरा जमाए हुए है।

अब तक जंगली हाथियों द्वारा एक दर्जन से अधिक घरों को तोड़ा जा चुका है। आधा दर्जन मवेशियों को मौत के घाट उतारा जा चुका है। हाथियों के दल को जंगल में पर्याप्त चारा की व्यवस्था नहीं होने की वजह से आक्रामक रूख अपनाकर अब इनके द्वारा ग्रामीणों के घरों में रखे अनाज को चट कर, खेत में लगे गेहूं एवं आलू की फसल को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हाथियों ने उपकापारा मोहनपुर, जजगी, फुनगी एवं रामनगर में पिछले दिनों काफी नुकसान पहुंचाया था।

गुरुवार की शाम को जंगली हाथियों का दल पतरापारा जंगल के नजदीक पहुंच गया था। इसे देखते हुए आसपास के घरों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। वन विभाग जंगली हाथियों की निगरानी करने का दावा तो किया जा रहा है लेकिन इन्हीं हाथियों ने एक ग्रामीण को कुचल कर मार दिया।

सुबह उसकी लाश क्षत -विक्षत मिली शव की स्थिति देख कर हर कोई सिहर उठा, शव के सिर के हिस्से का मांस बिखरा पड़ा था। सभी को समेट कर उठाना पड़ा। शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मोर्चरी में रखवा दिया गया है। घटनास्थल के आसपास के गांवों में सूचना देकर मृतक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। घटना से आसपास के गांवों में रहने वाले लोग भयभीत है।

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