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सब्जियों के दाम छू रहे आसमान, महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट, जानें क्या है कारण

लगातार बढ़ती महंगाई ने आम जनता की रसोई पर गहरा असर डाला है। आवक में कमी और परिवहन लागत बढ़ने के चलते सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। भंडारा शहर के बाजारों में बीते एक सप्ताह के दौरान सब्जियों के दामों में 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे गृहिणियों के बजट में बड़ा बदलाव आया है।

शहर के मुख्य सब्जी मंडी में इस समय टमाटर 50 से 60 रुपये किलो, प्याज 40 से 50 रुपये किलो, जबकि आलू 35 से 40 रुपये किलो में बिक रहा है। वहीं सबसे अधिक बढ़ोत्तरी हरी मिर्च और धनिया में देखी जा रही है। इसके अलावा, भिंडी, बैंगन, फूलगोभी, गोभी, लौकी और पत्तेदार सब्जियों की कीमतों में भी 20 से 30 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है।

ट्रांसपोर्टेशन लागत में वृद्धि

सब्जी विक्रेताओं के अनुसार पिछले दिनों हुई अनियमित बरसात, ठंड का असर और खेतों में फसल उत्पादन कम होना इसका मुख्य कारण है। साथ ही ट्रांसपोर्टेशन लागत में वृद्धि ने दामों में और इज़ाफा किया है। विक्रेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में सब्जियों की नई फसल बाजार में आने पर दाम स्थिर हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं दिख रही।

क्या है सब्जियां के दाम?

  • बैंगन- 40 से 60 प्रति किलो
  • टमाटर-50 से 60 प्रति किलो
  • फूलगोभी- 60 से 80 प्रति किलो
  • पत्तागोबी- 40 से 60 प्रति किलो
  • गाजर- 40 से 60 प्रति किलो
  • भिंडी- 60 प्रति किलो
  • शीमला मिर्च- 80 प्रति किलो
  • बीट 60 से 80 प्रति किलो
  • पालक-10-20 प्रति जुड़ी
  • हरा धनिया -10 प्रति जुड़ी
  • लाल भाजी-10-20 प्रति जुड़ी
  • मेथी-15-20 प्रति जुड़ी

दालों का उपयोग बढ़ा

दूसरी ओर उपभोक्ता इस महंगाई से परेशान हैं। मध्यमवर्गीय और निम्नवर्गीय परिवारों के लिए सब्जियों की खरीदारी अब सिरदर्द बन चुकी है। कई नागरिकों ने बताया कि पहले जहां 100-150 रुपये में दो दिन की सब्जी आ जाती थी, वहीं अब 250-300 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

कुछ लोगों ने महंगी सब्जियों की जगह दालों और अन्य विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ाया है। महंगाई पर नियंत्रित करने को लेकर अभी तक शासन या प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। यदि आने वाले दिनों में सब्जियों की आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था सामान्य होती है तो कीमतों में कमी आ सकती है, लेकिन तब तक आम लोगों को इस महंगाई की मार सहनी पड़ेगी।

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