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UP News: योगी सरकार में आयुष चिकित्सा को नई उड़ान, यूपी में 1,034 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 16 एकीकृत अस्पताल संचालित

आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी को मिली नई पहचान, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक मजबूत हुआ आयुष का ढांचा; करीब 100 कॉलेज गोरखपुर आयुष विश्वविद्यालय से संबद्ध

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों का दायरा लगातार बढ़ाने की दिशा में योगी सरकार ने कई अहम पहल की हैं। आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी और होम्योपैथी को स्वास्थ्य सेवाओं की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने संस्थागत ढांचे, चिकित्सा सुविधाओं और शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार किया है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में आयुष चिकित्सा को गांवों और शहरों तक पहुंचाने के लिए कई योजनाओं पर काम किया गया है।

सरकार ने वर्ष 2017 में अलग आयुष विभाग का गठन कर आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी सेवाओं को एक प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत लाने की पहल की। इसका उद्देश्य इन पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का बेहतर संचालन, विकास और आम लोगों तक इनकी पहुंच सुनिश्चित करना है।

यूपी को मिला पहला आयुष विश्वविद्यालय

आयुष चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के लिए गोरखपुर में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। अगस्त 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसकी आधारशिला रखी थी। करीब 52 एकड़ में विकसित इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन जुलाई 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया।

यह उत्तर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय है। इससे करीब 100 आयुष महाविद्यालय संबद्ध हैं। यहां बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस सहित विभिन्न स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय के माध्यम से आयुष चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता सुधार, शोध को बढ़ावा और चिकित्सा सेवाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

50 बेड के एकीकृत आयुष अस्पतालों का विस्तार

प्रदेश में आयुष चिकित्सा सुविधाओं को जिला स्तर तक पहुंचाने के लिए 50 बेड वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इन अस्पतालों में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

दिसंबर 2021 में प्रदेश के आठ शहरों में 50 बेड के एकीकृत आयुष अस्पतालों का उद्घाटन किया गया था। इसके बाद अस्पतालों की संख्या और सुविधाओं के विस्तार पर काम किया गया।

सरकारी जानकारी के अनुसार, प्रदेश में 16 पचास बेड वाले एकीकृत आयुष अस्पताल पूरी तरह संचालित हैं। वहीं बुलंदशहर, फतेहपुर, हरदोई और उन्नाव में चार अन्य अस्पतालों का निर्माण लगभग पूरा होने की जानकारी दी गई है। मेरठ में 50 बेड और जौनपुर में 30 बेड के अस्पताल का निर्माण भी जारी है।

1,034 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 225 योग केंद्र स्थापित

आयुष चिकित्सा को गांवों और कस्बों तक पहुंचाने के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का भी विस्तार किया गया है। प्रदेश में अब 1,034 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 225 योग वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं।

इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को आयुर्वेदिक परामर्श, योगाभ्यास, प्राकृतिक चिकित्सा और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल बीमारियों के उपचार तक सीमित न रहकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और रोगों की रोकथाम को बढ़ावा देना भी है।

3,968 अस्पतालों और औषधालयों का नेटवर्क

प्रदेश में आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए सरकारी अस्पतालों, क्लीनिक और डिस्पेंसरी का नेटवर्क भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 3,968 क्लीनिक, अस्पताल और डिस्पेंसरी संचालित हैं।

राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत इन संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने पर काम किया जा रहा है।

इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में भी आयुष चिकित्सा सेवाओं को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे मरीजों को उपचार के अतिरिक्त विकल्प मिल सकें।

आयुष चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने की कोशिश

योगी सरकार की इन पहलों के जरिए उत्तर प्रदेश में आयुष चिकित्सा शिक्षा, अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ाने का प्रयास किया गया है। अलग आयुष विभाग से लेकर राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय और हजारों चिकित्सा केंद्रों तक का विस्तार इसी दिशा में उठाए गए कदमों के रूप में देखा जा रहा है।

अब इन योजनाओं की सफलता इस बात से भी तय होगी कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को कितनी आसानी से गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं, प्रशिक्षित चिकित्सक और आवश्यक दवाएं उपलब्ध हो पाती हैं।

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