व्यापार जगत

किस देश के पास सबसे ज्यादा चांदी

चांदी की कीमतों में आग लगी है, एक साल पहले तक किसी को अनुमान नहीं होगा कि 2025 में चांदी इतना ऊपर तक जाएगा। बीएसई के टॉप-30 शेयरों में से एक भी चांदी के आसपास नहीं दिखे। चांदी की कीमतें अभी भी नहीं रुक रही हैं, हर दिन रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बन रहा है। साल 2025 में चांदी के भाव में 150% से ज्यादा का उछाल आया है। दरअसल, 24 दिसंबर 2025 को MCX पर चांदी की कीमत 2,24,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। जबकि पिछले साल दिसंबर में चांदी का भाव 90 हजार रुपये किलो के आसपास था।

बता दें, आज की तारीख में चांदी दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में से एक हो गई है। इसका इस्तेमाल न सिर्फ गहनों और सिक्कों में, बल्कि औद्योगिक उपयोग, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी में भी हो रहा है। जिससे चांदी की डिमांड तेजी से बढ़ रही है।

चांदी का सबसे ज्यादा उत्पादन कहां?

चांदी की कीमतों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी के बीच लोगों के मन सवाल है कि आखिर किस देश के पास सबसे ज्यादा चांदी है। आइए जानते हैं कि दुनिया में किस देश से पास सबसे ज्यादा चांदी है और कौन देश में चांदी की माइनिंग (Mining) में सबसे आगे है। साल 2023-24 में खनन (Mining) के आंकड़ों के मुताबिक मेक्सिको सबसे आगे है, Global mine production के मुताबिक मेक्सिको (Mexico) दुनिया का सबसे बड़ा चांदी उत्पादक देश है। इस देश ने लगभग 202 मिलियन औंस चांदी का उत्पादन किया, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 24% है।

किस देश के पास सबसे ज्यादा चांदी?

लेकिन चांदी का सबसे बड़ा भंडार पेरू के पास है। मौजूदा समय में पेरू के पास करीब 1,10,000 मीट्रिक टन चांदी है। दुनिया में कुल चांदी भंडार का करीब 17 से 18% चांदी केवल पेरू के पास है। पेरू जैसे देश चांदी के निर्यात के माध्यम से राजस्व जुटाते हैं। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और रूस की बारी आती है, जिनके पास क्रमश करीब 94,000 और 92,000 मीट्रिक टन चांदी का भंडार है। लगभग 72,000 मीट्रिक टन चांदी चीन के पास है, ये ग्लोबल रैंक ये चौथे नंबर पर है। अमेरिका के पास लगभग 23,000 मीट्रिक टन (MT) चांदी के भंडार हैं।

भारत के पास कुल कितना सिल्वर?

भारत में चांदी का भंडार ग्लोबल पैमाने के हिसाब से बहुत कम है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत के पास लगभग 8,000 मीट्रिक टन चांदी का भंडार है, जो वैश्विक कुल भंडार का केवल लगभग 1-2% ही है। खनन की बात करें तो भारत मुख्य रूप से चांदी को किसी मौलिक खदान के रूप में नहीं निकालता है, बल्कि यह अक्सर सीसे और जस्ता (Zinc and Lead) खानों का बाय-प्रोडक्ट होता है। भारत के प्रमुख चांदी-उत्पादन वाले राज्य राजस्थान, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हरियाणा हैं, जहां से चांदी के कुछ टन प्रतिवर्ष उत्पादन होता है।

दुनिया के टॉप-5 सिल्वर रिजर्व देश

  • पेरू: करीब 1,10,000 मीट्रिक टन
  • ऑस्ट्रेलिया: करीब 94,000 मीट्रिक टन
  • रूस: लगभग 92,000 मीट्रिक टन
  • चीन: करीब 72,000 मीट्रिक टन
  • पोलैंड: करीब 61,000 मीट्रिक टन

भारत में चांदी का उत्पादन

गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सिल्वर उपभोक्ताओं में से एक है। लेकिन देश में सालाना करीब 700 टन चांदी का उत्पादन होता है, जबकि खपत कई हजार टन होती है, इसलिए ज्यादातर चांदी आयात की जाती है। साल 2024 में भारत ने रिकॉर्ड 7600 टन चांदी का आयात किया था। यह मांग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर, इलेक्ट्रिकल और अन्य तकनीकी उपयोग से आती है।

भारत में चांदी की मांग सबसे ज्यादा

भारतीय ज्वेलरी बाजार में चांदी की मांग दुनिया में सबसे ज्यादा है। सालाना करीब 2730 टन चांदी सिर्फ गहनों के लिए इस्तेमाल हुई। पिछले कुछ वर्षों में सिक्कों और बार के रूप में निवेश की डिमांड में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

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