‘फिल्म पहले शूट हुई थी, मैच हमले के बाद हुआ है’, भारत पाक मैच पर दिलजीत दोसांझ का तंज

पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों की तरफ से किए गए हमले की घटना के बाद भारत में पाकिस्तान के प्रति गुस्से का माहौल था। पाकिस्तानी कलाकारों के लिए भारतीय फिल्मों में प्रतिबंध लगा दिया गया। इतना ही नहीं जिस भारतीय फिल्म में पाकिस्तानी कलाकार थे उसके रिलीज पर भी रोक लगा दी गई। लेकिन भारत पकिस्तान मैच पर रोक नहीं लगी, दिलजीत दोसांझ ने उस पर अपनी बात रखी है।
दिलजीत दोसांझ की फिल्म में पाकिस्तानी कलाकार हानिया आमिर मौजूद थी इसलिए फिल्म सरदार जी 3 भारत में रिलीज ना हो सकी। वहीं अबीर गुलाल फिल्म में पाकिस्तान कलाकार फवाद हुसैन मौजूद थे, जिसकी वजह से भारत में बनी वह फिल्म भी भारत में प्रदर्शित नहीं हो सकी, लेकिन हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच मैच हुआ और उसे भारत में दिखाई भी गया। इसी पर दिलजीत दोसांझ ने अपनी बात रखी है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले पर उन्होंने क्या कहा है?
दिलजीत दोसांझ की एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें वह तिरंगे को सैल्यूट करते हैं और कहते हैं वह मेरे देश का झंडा है। हमेशा उसकी रिस्पेक्ट करता हूं। इसके बाद वह दर्शकों से परमिशन मांगते हैं कुछ बोपलने के लिए, वह पंजाबी में बोलते हैं, जब मेरी फिल्म सरदार जी 3 रिलीज हुई थी तब फरवरी का महीना था लेकिन अब तो मैच खेले जा रहे हैं।
दिलजीत दोसांझ ने अपनी बात को आगे बढ़ते हुए कहा उस हमले के बाद हम आज भी यही प्रार्थना करते हैं कि आतंकवादियों को सख्त से सजा मिलनी चाहिए। बस डिफरेंस यह है कि मेरी फिल्म हमले से पहले शूट हुई थी, हमें हमले के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन मैच हमले के बाद हुआ है। इसके अलावा उन्होंने कुछ नहीं कहा, लेकिन बस उनका यही वाक्य कि मैच हमले के बाद हुआ है, अपने आप में बहुत बड़ी बात उन्होंने कहा दी है। मैच और फिल्म दोनों ही मनोरंजन का माध्यम है। दोनों के लिए दोहरी नीति नहीं हो सकती।
दिलजीत दोसांझ की फिल्म में पाकिस्तानी कलाकार हानिया आमिर की मौजूदगी की वजह से दिलजीत दोसांझ को एंटीनेशनल और गद्दार तक कहा गया। दिलजीत दोसांझ ने मीडिया को निशाना साधा और कहा नेशनल मीडिया मुझे एंटीनेशनल बता रही थी, लेकिन सिख कम्युनिटी कभी भी देश के खिलाफ नहीं जा सकती। दिलजीत दोसांझ ने आगे कहा मेरे पास कई जवाब है, लेकिन मैं चुप रहा। सब अपने अंदर रखा। आप कुछ भी बोलो आप अपने अंदर जहर नहीं रख सकते। मैंने जिंदगी से यही सीखा है, मैं आगे भी बहुत कुछ कह सकता हूं लेकिन नहीं कहूंगा। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि अपनी खामोशी की बात करते हुए दिलजीत दोसांझ ने बहुत बड़ी बात कह दी है।



