भारतसियासी गलियारा

INDIA गठबंधन की बैठक में खरगे का चुनाव आयोग पर हमला, SIR से EVM तक उठाए सवाल

नई दिल्ली। INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। अपने संबोधन में खरगे ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद ‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ के सिद्धांत पर टिकी है और किसी भी योग्य नागरिक के वोट का महत्व कम नहीं होना चाहिए।

खरगे ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल लंबे समय से EVM, मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं चुनाव आयोग के सामने रखते रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

SIR को लेकर विपक्ष की आपत्ति

खरगे ने Special Intensive Revision (SIR) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि देशभर में करीब 13.3 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

हालांकि, चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची के पुनरीक्षण और शुद्धिकरण की प्रक्रिया बताता है। ऐसे में नाम हटाए जाने के आंकड़ों और प्रक्रिया को लेकर अंतिम तस्वीर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।

खरगे ने कहा कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे उचित सूचना, कारण बताने और अपील का प्रभावी अवसर मिलना चाहिए।

राहुल गांधी के दावों का भी किया जिक्र

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संबोधन में राहुल गांधी द्वारा महादेवपुरा, अलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र में मतदाता सूची से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों का भी उल्लेख किया।

खरगे के मुताबिक विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के सामने कई सवाल और आपत्तियां रखीं, लेकिन उन्हें अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली। ये आरोप कांग्रेस और INDIA गठबंधन की ओर से लगाए गए हैं; इनके संबंध में चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष अलग से देखा जाना जरूरी है।

EVM पर कांग्रेस ने फिर उठाए सवाल

खरगे ने EVM को लेकर भी कांग्रेस का पुराना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था पर लौटने की जरूरत है।

उन्होंने EVM को लेकर पारदर्शिता और विश्वसनीयता का सवाल उठाया और कहा कि चुनाव प्रणाली में जनता का भरोसा सर्वोच्च होना चाहिए।

CEC की नियुक्ति को लेकर भी निशाना

खरगे ने Chief Election Commissioner और अन्य Election Commissioners की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में बदलाव से निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता को लेकर सवाल पैदा हुए हैं।

उन्होंने मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी कड़ा राजनीतिक बयान दिया और उनके इस्तीफे की मांग की। यह खरगे और कांग्रेस की राजनीतिक मांग है।

कांग्रेस ने रखीं छह मांगें

खरगे ने बैठक में चुनाव सुधारों को लेकर छह प्रमुख मांगें सामने रखीं—

  • भविष्य के चुनावों में Pre-SIR मतदाता सूची को आधार बनाया जाए।
  • मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की पूरी जानकारी सार्वजनिक हो।
  • नाम हटाने से पहले मतदाता को नोटिस, कारण और अपील का प्रभावी अवसर मिले।
  • प्रशासनिक या दस्तावेजी खामियों के कारण पात्र मतदाता का नाम न हटे।
  • EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराया जाए।
  • पहली बार वोट देने वाले युवाओं के लिए मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाई जाए।

‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ पर जोर

खरगे ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार चुनने का अधिकार जनता के पास होना चाहिए। उनके मुताबिक चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही लोकतंत्र में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी है।

उन्होंने INDIA गठबंधन के दलों से चुनाव सुधारों और मतदाता अधिकारों के मुद्दे पर एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करने का आह्वान किया।

अब नजर चुनाव सुधारों पर

INDIA गठबंधन की बैठक में उठाए गए मुद्दों से साफ है कि SIR, मतदाता सूची, EVM और चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया आने वाले राजनीतिक विमर्श में प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। वहीं इन मुद्दों पर विपक्ष के आरोपों के साथ-साथ चुनाव आयोग और संबंधित संस्थाओं के आधिकारिक स्पष्टीकरण को भी सामने रखना जरूरी होगा।

Show More

Related Articles

Back to top button