हमर छत्तीसगढ़

सेवा की कहानी : हुनर को मिला संबल, पीएम विश्वकर्मा योजना से बढ़ी नरेश की आजीविका

रायपुर, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के विकासखंड मानपुर के ग्राम सरोली निवासी श्री नरेश कुमार चक्रधारी पारंपरिक रूप से मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां एवं त्योहारों के अवसर पर मिट्टी के दीये बनाने का कार्य करते हैं। उनके पारंपरिक हुनर को आगे बढ़ाने और आजीविका को मजबूत करने में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना उनके लिए उपयोगी साबित हुई है। 

           योजना के अंतर्गत श्री नरेश कुमार ने रसमड़ा सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिससे उन्हें अपने पारंपरिक कार्य को बेहतर तरीके से करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिला। प्रशिक्षण के बाद शासन द्वारा उन्हें योजना के अंतर्गत विद्युत चाक प्रदान किया गया। विद्युत चाक मिलने से मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां एवं दीये बनाने के कार्य में गति आई है तथा कम समय में अधिक कार्य कर पाना संभव हुआ है। श्री नरेश कुमार बताते हैं कि विद्युत चाक मिलने के बाद उनके काम में सुविधा और तेजी आई है, जिससे वे अधिक मात्रा में मिट्टी के बर्तन एवं अन्य सामग्री तैयार कर पा रहे हैं। शासन की योजना का लाभ मिलने से उनकी आजीविका को नया सहारा मिला है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।

           पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से श्री नरेश कुमार को मिला प्रशिक्षण और विद्युत चाक सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण की भावना का सार्थक उदाहरण है। यह पहल उनके पारंपरिक कौशल को मजबूत करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।

        श्री नरेश कुमार ने अपने पारंपरिक हुनर को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण एवं विद्युत चाक का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से उनके काम में सुविधा और तेजी आई है तथा अपने हुनर को आगे बढ़ाने का नया अवसर मिला है।

Show More

Related Articles

Back to top button