हमर छत्तीसगढ़

नक्सलियों पर काल बनकर टूट पड़े सुरक्षाबल, 2 साल में 503 ढेर; अमित शाह ने दे रखी है डेडलाइन

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नए साल के पहले ही शनिवार को सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। सुकमा और पड़ोसी बीजापुर जिले में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में अब तक 14 नक्सलियों को मार गिराया गया है। इनमें एक महिला नक्सली भी शामिल है। डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और सुरक्षाबलों की टीम ने शनिवार तड़के करीब 5 बजे इन ऑपरेशनों को अंजाम दिया।

आपको बता दें कि तेलंगाना सीमा के पास गोलापल्ली थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि अब तक तीन शव बरामद कर लिए गए हैं और भारी मात्रा में हथियार जब्त किए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मारे गए नक्सली किस्टाराम एरिया कमेटी के सदस्य थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए मार्च 2026 की समय सीमा तय किए जाने के बाद से सुरक्षाबलों के ऑपरेशनों में जबरदस्त तेजी आई है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो साल में छत्तीसगढ़ में कुल 503 नक्सली मारे जा चुके हैं। 2025 में 284 नक्सली ढेर हुए हैं, जिनमें से 255 अकेले बस्तर क्षेत्र के हैं। 2024 में राज्य में कुल 219 नक्सली मारे गए थे।

सुरक्षाबलों की इस आक्रामक कार्रवाई ने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की कमर तोड़ दी है। छत्तीसगढ़ में अब यह संगठन लगभग ‘बिना सिर’ का हो गया है। महासचिव नंबला केशव राव उर्फ ​​बसवाराजू और सैन्य नेता माड़वी हिड़मा समेत 9 सेंट्रल कमेटी (CC) सदस्य मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। संगठन के पास अब केवल तीन सीसी सदस्य बचे हैं, जिनमें से गणेश उइके ओडिशा में और अनलदा झारखंड में सक्रिय हैं। मल्लरजी रेड्डी राज्य से बाहर हैं।

प्रमुख नेता देवजी और गणपति राज्य छोड़ चुके हैं, जबकि वेणुगोपाल राव और पुल्लुरी प्रसाद राव जैसे नेताओं ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

सुकमा और बीजापुर के जंगलों में सीआरपीएफ (CRPF) और डीआरजी का साझा सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह इस साल की पहली बड़ी सफलता है जो भविष्य के ऑपरेशनों के लिए सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ाएगी।

Show More

Related Articles

Back to top button