सियासी गलियारा

असम में चुनाव से पहले ही कांग्रेस को बड़ा झटका, रिपुन बोरा ने छोड़ दी पार्टी

असम में अगले कुछ महीनों में ही चुनाव होने वाले हैं और उससे ठीक पहले कांग्रेस को करारा झटका लगा है। पार्टी के सीनियर लीडर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सभी पदों के साथ ही प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। रिपुन बोरा ने 2021 में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से तब इस्तीफा दे दिया था, जब कांग्रेस की करारी हार हुई थी। वह राज्यसभा के भी सदस्य रह चुके थे। तरुण गोगोई सरकार के दो कार्यकालों में वह लगातार मंत्री रहे और पहली बार 2001 में विधायक चुने गए थे।

वह असम कांग्रेस के करीब 5 सालों तक प्रदेश अध्यक्ष रहे थे। 2016 में उन्हें पार्टी की कमान मिली थी। इसी साल वह राज्यसभा के लिए भी चुने गए थे, जिसका कार्यकाल 2022 में समाप्त हुआ था। उन्होंने 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी और टीएमसी का हिस्सा बन गए थे। हालांकि 2024 में वह फिर से कांग्रेस में लौट आए। कांग्रेस में वापसी के बाद भी वह ज्यादा चर्चा में नहीं थे। ऐसे में उनका इस्तीफा अहम है और माना जा रहा है कि कांग्रेस को इसका नुकसान हो सकता है। राज्य में चुनाव प्रचार अगले कुछ दिनों में जोर पकड़ सकता है, जबकि हिमंत बिस्वा सरमा काफी ऐक्टिव हैं। उनका एक वीडियो भी इन दिनों चर्चा में है।

रिपुन बोरा के इस्तीफे के बाद चर्चा है कि वह भाजपा में जा सकते हैं। इस बीच हिमंत बिस्वा सरमा और गौरव गोगोई में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। पहले सीएम हिमंत पर आरोप लगा था कि उनके पास 1000 बीघा जमीन है। वहीं सरमा ने गोगोई पर आरोप लगाया कि उनके पाकिस्तान से लिंक हैं। इसके जवाब में गौरव गोगोई ने कहा कि ऐसा लगता है कि सीएम हिमंत का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। इस मामले में कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं ने भी सीएम हिमंत पर हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि यदि सरमा के आरोपों में कोई दम है तो ऐक्शन क्यों नहीं हुआ। यहां तक कि असम पुलिस ने एक केस भी दर्ज नहीं किया है।

इससे पहले सरमा ने आरोप लगाया था कि गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कॉलबर्न ब्रिटिश हैं और उनके पाकिस्तान के नागरिक अली तौकीर शेख से रिश्ते हैं। इन लोगों ने इंटेलिजेंस ब्यूरो की जानकारी को पड़ोसी देश को दिया है। इसी के जवाब में कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि सीएम मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उनके पास अपने दावे के लिए कोई आधार नहीं है। कोई सबूत नहीं है। राजनीति अलग चीज है, लेकिन किसी सम्मानित परिवार के खिलाफ ऐसे निजी हमले करना और बेजा आरोप लगाना स्तरहीन है।’

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