भारत माला परियोजना में भू-स्वामियाें का मार रहे हक, दूसरे के खाते में जा रहा मुआवजा

रायपुर. भारतमाला परियोजना में भू-स्वामियों का हक मारने का बड़ा खेल चल रहा है। कुछ ही मामले सामने आ पा रहे हैं, बाकी मामलाें काे दबाने का भी प्रयास रहा है। जिन मामलों की शिकायत हाे रही है, उसकी जांच भी हाे रही है। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
रायपुर से विशाखापट्टनम मार्ग के लिए भारतमाला परियोजना में एक बड़ी गड़बड़ी का मामला उरला अभनपुर में बिल्डवेल प्रा. लि. के नरेंद्र कुमार पारख की तीन हिस्सों में एक एकड़ जमीन का है। यह जमीन परियोजना में आने के बाद इसके अधिग्रहण की सूचना का प्रकाशन भी किया गया। इनको मुआवजा देना भी तय हो गया, लेकिन इनको मुआवजा मिला सिर्फ एक खसरा नंबर का बाकी दो खसरा नंबर का मुआवजा एक करोड़ 36 लाख रुपए किसी ह्रदयलाल को दे दिया गया। इसरा खुलासा तब हुआ, जब सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ करने के लिए वहां पर अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने भू-स्वामी को बताया, मुआवजा दे दिया गया है, भूस्वामी ने मुआवजा न मिलने का हवाला देते हुए अपनी जमीन पर काम करने से रोक दिया है। अब भूस्वामी अपने मुआवजे के लिए चक्कर काट रहे हैं। जबकि जांच में मामला सही पाया गया है।
एक जमीन का मिला भुगतान
भू-स्वामी नरेंद्र कुमार पारख के मुताबिक भारतमाला परियोजना के लिए उनके खसरा क्रमांक 871/6, 871/20 और 871/42 की जमीन का अधिग्रहण करने की सूचना का प्रकाशन दो साल पहले किया गया था। इसके बाद जब इसके लिए मुआवजा देने की बारी आई तो हमारी जमीन में से खसरा क्रमांक 871/42 की भूमि 0.027 हेक्टेयर का मुआवजा 34 लाख दो हजार 648 रुपए ही मिला। बाकी दो खसरों का मुआवजा नहीं मिला। हमें लगा इसका मुआवजा बाद में मिलेगा। हम इंतजार करते रहे, पर मुआवजा नहीं मिला।
दाे जमीन का भुगतान दूसरे को
श्री पारख ने बताया, हमारी जमीन के दो हिस्से का मुआवजा दूसरे को दिए जाने की जानकारी हमें इस साल जनवरी में तब हुई, जब हमारी जमीन पर परियोजना का काम प्रारंभ करने के लिए अधिकारी पहुंचे। हमें जानकारी होने पर पर विरोध करने पहुंचे कि मुआवजा दिए बिना काम कैसे कर सकते हैं, तब हमें अधिकारियों ने बताया इस जमीन का मुआवजा दिया जा चुका है। तब हमें मालूम हुआ कि हमारे स्थान पर किसी ह्रदय लाल को हमारी जमीन का मुआवजा दे दिया गया है। एक खसरा क्रमांक 871/6 की भूमि 0.0570 हेक्टेयर का मुआवजा 65 लाख 78 हजार 452 और दूसरे खसरा 871/20 की भूमि 0.0740 हेक्टेयर का मुआवजा 71 लाख 14 हजार 54 रुपए ह्रदय लाल को दे दिया गया है। हमारे दोनों खसरा को मिलाकर कुल 1 करोड़ 36 लाख 92 हजार 506 रुपए का मुआवजा ह्रदय लाल को दिया गया है।
ब्याज सहित मिले मुआवजा
इस मामले में श्री पारख का कहना है, पिछले करीब नौ माह से अपनी जमीन का मुआवजा पाने के लिए हम लगातार चक्कर काट रहे हैं। इस मामले में कलेक्टर से शिकायत करने पर मामले की जांच भी अपर कलेक्टर बीसी साहू से कराई गई है जिसमें हमारी शिकायत को सही पाया गया है। हमें न तो जांच की प्रति दी जा रही है, न ही हमारा मुआवजा दिया जा रहा है। हमारी मांग है कि हमें हमारी जमीन का मुआवजा दो साल के ब्याज के साथ दिया जाए। ब्याज के साथ मुआवजा दिए जाने का प्रावधान भी है।