देश ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार होकर विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहाःपीएम मोदी

नई दिल्ली । राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार होकर विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है, साथ ही उन्होंने भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया।
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण को स्थगित किए जाने के एक दिन बाद, गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना शुरू किया। विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। प्रधानमंत्री के अभिभाषण शुरू होते ही कई विपक्षी नेताओं ने “एलओपी को बोलने दो” और “तानशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर कटाक्ष करते हुए, पीएम मोदी ने उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खरगे जी की उम्र को देखते हुए, मैं आपसे, अध्यक्ष महोदय, निवेदन करता हूं कि उन्हें बैठकर नारे लगाने की अनुमति दें ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। पीछे युवा लोग बैठे हैं। इसलिए, कृपया खरगे जी को बैठे-बैठे भी नारे लगाने की अनुमति दें। मोदी ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में, बीते वर्ष देश के तीव्र विकास के वर्ष रहे हैं। यह जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग में बदलाव का युग रहा है। देश सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का पहला चौथाई भाग पूरा हो चुका है। लेकिन यह दूसरा चौथाई भाग उतना ही निर्णायक है जितना पिछली सदी में भारत के स्वतंत्रता संग्राम का दूसरा चौथाई भाग था। मैं स्पष्ट रूप से देख सकता हूँ कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में यह दूसरा चौथाई भाग भी उतना ही सक्षम साबित होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी ने इस देश के मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि… सभी विषयों को विस्तार से रखते हुए भारत की प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजाया है। देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की है। हर वर्ग के सामर्थ्य को उन्होंने शब्दांकित किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक विश्वास व्यक्त किया है। ये हम सभी के लिए प्रेरक है। आज राष्ट्र का हर व्यक्ति ये महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है। हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है। उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।



