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रायगढ़ में आफत की बारिश, स्कूल-कॉलेज बंद

रायगढ़: रायगढ़ जिले में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि आगामी तीन दिनों तक वर्षा का यही रुख बना रहेगा। बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

अंबा और कुंडलिका नदियां अपने-अपने खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जबकि पातालगंगा नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। इस कारण प्रशासन ने निचले इलाकों में बसे नागरिकों को सतर्क रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। वहीं सावित्री, उल्हास और गाढ़ी नदियों का जलस्तर अभी चेतावनी स्तर से कम है, लेकिन भारी बारिश के चलते इन नदियों में भी जलस्तर बढ़ने की आशंका है।

जलस्तर का विवरण:

अंबा नदी: खतरे का स्तर- 9.00 मीटर- वर्तमान जलस्तर – 10.60 मीटर

कुंडलिका नदी: खतरे का स्तर-23.95 मीटर- वर्तमान जलस्तर – 24.50 मीटर

पातालगंगा नदी: चेतावनी स्तर- 20.50 मीटर-वर्तमान जलस्तर – 21.05 मीटर

पाली-वाकण मार्ग पर यातायात बंद

अंबा नदी के जलस्तर में वृद्धि के चलते पाली-वाकण मार्ग पर पानी भर गया है, जिससे प्रशासन ने इस मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। जिले के खालापुर, माथेरान और पनवेल क्षेत्रों में 200 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जबकि अलिबाग में 190 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।
स्थिति को देखते हुए अलिबाग, रोहा, तला, महाड़ और पोलादपुर तालुका में स्थित सभी शैक्षणिक संस्थानों (विद्यालय और महाविद्यालयों) में 19 जून को अवकाश घोषित किया गया है।

समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के समुद्र तटीय इलाकों में 3.5 से 3.8 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। यह स्थिति आज रात 11:30 बजे तक बनी रह सकती है। इस बीच, मछुआरों को समुद्र में न जाने और सभी प्रकार की जलक्रीड़ा तथा तटीय पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, राहत दल तैनात

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सक्रिय

प्रशासन ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सक्रिय कर दिया है। निचले क्षेत्रों में जलभराव, कटाव और आपात स्थिति की निगरानी के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी अपील में नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी संकट की स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

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