Rafah Genocide: कई जिंदा जल गए तो कहीं सैकड़ों चीख-पुकार, गाजा के बाद राफा में इजरायली नरसंहार

गाजा को श्मशान बनाने के बाद अब इजरायली सेना राफा में पूरी ताकत के साथ कहर बनकर टूट चुकी है। दुनिया के तमाम देशों और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) की चेतावनी के बावजूद नेतन्याहू की सेना का अगला टारगेट राफा को मुर्दाघर बनाना है। रविवार को इजरायली सेना राफा के शरणार्थी शिविरों पर इस कदर टूटी मानो किसी को छोड़ना नहीं…! एपी की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा और वेस्ट बैंक से अपनी जान बचाकर रह रहे शरणार्थियों पर हवाई हमला हुआ। फिलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि पिछले 24 घंटों में ताल-अस-सुल्तान, जबालिया, नुसीरत और गाजा शहर में इजरायली हमलों से कम से कम 160 नागरिक मारे गए है। शिविरों पर हमले के बाद का नजारा इतना भयावह है कि कहीं आसमान से बरस रही आग में लाशें जल रही हैं तो कहीं तंबू। कहीं चीख-चीत्कार मची है तो कहीं सिर्फ सन्नाटा।
गाजा और वेस्ट बैंक के अधिकारियों का कहना है कि 15 दिन पहले जिन लोगों ने इजरायली हमलों से बचकर शरणार्थी शिविरों में शरण ली थी, उन पर इजरायली हमला हुआ है। रात के अंधेरे में हुए इस हमले में कई लोग मारे गए। कई चैन की नींद सो रहे थे और सोते-सोते ही दुनिया से रुखसत हो गए। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि विस्थापित लोगों के लिए बनाए गए एक सेंटर पर इजरायली हवाई हमले में सैकड़ों की मौत हो चुकी है। दर्जनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
गाजा और वेस्ट बैंक अधिकारियों के दावों से उलट इजरायली सेना ने अपने बयान में कहा है कि उसने हमास के कैंप पर हमला किया था। इजरायल का दावा है कि उसने हमास के चीफ ऑफ स्टाफ यासीन रबिया और पश्चिमी तट प्रभाग के कमांडर खालिद नागर को मार डाला है। दर्जनों हमास आतंकियों के भी मारे जाने का दावा किया गया है। आईडीएफ के दावों के विपरीत हमास ने इस हमले को नरसंहार करार दिया है। हमास के प्रवक्ता ने कहा है कि गाजा के बाद अब राफा में भी इजरायली सेना निर्दोषों के कत्ल से खुद के हाथ रंग चुकी है। उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।
फिलिस्तीनी अधिकारियों ने कहा कि पिछले 24 घंटों में ताल-अस-सुल्तान, जबालिया, नुसीरत और गाजा शहर में हमलों में कम से कम 160 नागरिक मारे गए हैं। अल जज़ीरा ने बताया कि इज़रायली बलों ने जिस तम्बू शिविर पर हमला किया, वह राफा में विस्थापितों के लिए एक सुरक्षित जगह थी। इजरायली बमबारी में कई लोग जिंदा जल गये। कई तंबू में चैन की नींद सो रहे थे और वे सोते-सोते ही मौत की नींद सो गए। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि शिविर में हुए हमलों में 35 लोगों की जान चली गई और दर्जनों घायल हो गए, जिनमें ज्यादातर बच्चे और महिलाएं थीं”।