छत्तीसगढ़ में फिर नक्सलियों ने मचाया कोहराम, नारायणपुर में IED ब्लास्ट, BSF के 2 जवान घायल

नारायणपुर : जहां एक तरफ छत्तीसगढ़ में नक्सली ऑपरेशन उफान पर है। वहीं नक्सली भी अपनी नापाक हरकतों से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से मिली एक बड़ी खबर की मानें तो, यहां नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर दी है। वहीं इस घटना में BSF के दो जवान घायल हुए हैं।
मिली खबरों के अनुसार, नारायणपुर जिले के कैंप गारपा से ग्राम के बीच रोड ओपनिंग पार्टी (ROP) पार्टी की गश्त के दौरान BSF की ROP पार्टी पर नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर दिया। इस भयंकर विस्फोट में दो BSF के जवान घायल हो गए।
खबरों की मानें तो नारायणपुर जिले के गारपा से आज सुबह जवानों की रोड ओपनिंग पार्टी निकली हुई थी। लेकिन इस इलाके में कुछ नक्सलियों ने IED को दबाकर रखा था। जैसे ही इस IED पर जवान का पैर आया और ब्लास्ट हो गई।
वहीं इस ब्लास्ट की चपेट में BSF के दो जवान हो गए हैं। दोनों जवान घायल हो गए हैं। जिनका फिलहाल इलाज किया जा रहा है। इसकी पुष्टि अब नारायणपुर पुलिस ने भी कर दी है।
इस मामले पर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना सुबह उस समय हुई जब गरपा गांव के पास स्थित BSF के शिविर से उसकी ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ (ROP) गश्त पर निकली थी। आरओपी संवेदनशील मार्गों पर और अति गणमान्य व्यक्तियों की यात्रा के दौरान सड़क पर सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ बीएसएफ के शिविर और गरपा गांव के बीच थी, तभी नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट कर दिया जिससे दो जवान घायल हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि घायल जवानों को अस्पताल ले जाया जा रहा है।
जानकारी दें कि, जंगली क्षेत्रों में युद्ध के लिए प्रशिक्षित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक विशिष्ट इकाई ‘कोबरा के दो कमांडो पड़ोसी बीजापुर जिले में बीते गुरुवार को नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी विस्फोट में घायल हो गए।
पता हो कि, सुकमा जिले में बीते 12 जनवरी को नक्सलियों के विस्फोट में 10 वर्षीय लड़की घायल हो गई और बीजापुर जिले में इसी तरह के प्रेशर आईईडी विस्फोट में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। नारायणपुर जिले के ओरछा क्षेत्र में दो दिन पहले दो अलग-अलग घटनाओं में एक ग्रामीण की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। बीजापुर जिले में बीते 6 जनवरी को नक्सलियों द्वारा एक वाहन को आईईडी से उड़ा दिए जाने की घटना में आठ पुलिस कर्मियों और उनके असैन्य चालक की जान चली गई थी।