भारतव्यापार जगत

सिंगापुर के PM से मिले पीयूष गोयल, AI और इंडस्ट्रियल पार्क पर हुई बातचीत

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच साझेदारी को बढ़ने के लिए एआई से लेकर इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने पर बातचीत की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस बैठक में हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने, साथ ही भविष्य में विकास की गति को बढ़ाने पर चर्चा की गई है।

वोंग ने जवाब देते हुए कहा कि इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने से लेकर एआई जैसी उभरती तकनीक तक हमारी आर्थिक साझेदारी को गहरा करने पर अच्छी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री गोयल ने सिंगापुर एयरलाइंस इंजीनियरिंग कंपनी (एसआईएईसी) के सीईओ चिन याउ सेंग से भी मुलाकात की और विमानन रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) क्षेत्र में भारत-सिंगापुर सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।

केंद्रीय मंत्री ने एक अलग पोस्ट में सोशल मीडिया पर बताया कि इस बैठक में भारत के बढ़ते एयरोस्पेस इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और वैश्विक संपर्क बढ़ाने के लिए इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और इन्वेस्टमेंट में साझेदारी के नए रास्ते तलाशे गए। उन्होंने कैपिटलैंड इन्वेस्टमेंट के ग्रुप सीईओ ली ची कून और वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक मनोहर खियातानी से भी मुलाकात की।

चर्चा भारत में सतत शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार (विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटरों के क्षेत्र में) को आगे बढ़ाने पर केंद्रित थी। उन्होंने पोस्ट किया कि रणनीतिक सहयोग के माध्यम से भारत की विकास गाथा को आगे बढ़ाने के नए अवसरों की भी खोज की गई।

पिछले महीने, वोंग ने नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी और हाल ही में आयोजित तीसरे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के परिणामों और सीमा पार डेटा प्रवाह और पूंजी बाजारों में सहयोग करने में दोनों देशों की रुचि पर चर्चा की थी।

प्रधानमंत्री वोंग ने एक्स पर पोस्ट किया था कि भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ फिर से जुड़कर खुशी हुई। हमने हाल ही में आयोजित तीसरे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के परिणामों और सीमा पार डेटा प्रवाह और पूंजी बाजारों पर सहयोग करने में हमारी रुचि पर चर्चा की। उन्होंने आगे कहा कि सिंगापुर और भारत के लिए अपने वित्तीय और डिजिटल संबंधों को और मजबूत करने की अपार संभावनाएं हैं।

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