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फ्रांस में 80 जगहों पर फहराए गए फिलिस्तीनी झंडे, मान्यता के जश्न से तनाव की आशंका

फ्रांस ने इजरायल और अमेरिका के विरोध में जाते हुए फिलिस्तीन को मान्यता दे दी है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र संघ में इसका ऐलान कर दिया है। यही नहीं इस बीच फ्रांस के अंदर भी इस मसले पर तनाव पैदा होता दिख रहा है। इजरायल ने फ्रांस के फैसले को आतंकियों को बढ़ावा देने वाला बताया है तो वहीं अमेरिका भी इस फैसले से सहज नहीं है। अहम बात यह है कि फ्रांस के अंदर भी इसे लेकर चिंताजनक स्थिति पैदा हो सकती है। वजह यह है कि फिलिस्तीन को मान्यता देने के मौके पर फ्रांस में कुल 86 जगहों पर फिलिस्तीन के झंडे फहराए गए हैं। कई जगहों पर आयोजन भी हुए हैं।

इस तरह फ्रांस में लेफ्ट विंग की राजनीति करने वाले फिलिस्तीन को मान्यता देने का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन एक वर्ग इससे नाराज भी है। फ्रांस में इसे लेकर चिंता भी बढ़ सकती है। इसकी वजह यह है कि फ्रांस यूरोप का सबसे ज्यादा यहूदी आबादी वाला देश है। यहां कुल 5 लाख यहूदी बसते हैं और वहां के अहम प्रतिष्ठानों में महत्वपूर्ण पदों पर भी हैं। ऐसे में यदि फिलिस्तीन को मान्यता देने का जश्न अधिक मना तो नाराजगी देखी जा सकती है। फ्रांस सरकार ने फिलिस्तीन को मान्यता देने का जश्न मनाने या फिर झंडा आदि फहराने पर रोक लगा रखी थी। इसके बाद भी आयोजन हुए हैं।

फ्रांस के लयॉन, नानतेस, रेनेस जैसे शहरों में फिलिस्तीन के झंडे फहराए गए हैं। इसके अलावा पेरिस के सिटी हॉल में भी एक आयोजन हुआ। इस दौरान आधे घंटे तक फिलिस्तीन का झंडा फहराया गया। ऐसा तब हुआ, जबकि सोशलिस्ट मेयर ऐने हिडाल्गो ने ऐसे आयोजन का विरोध भी किया। फ्रांस के गृह मंत्रालय ने कहा कि देश भर में 86 स्थानों पर ऐसे आयोजन हुए हैं। अब कुछ लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में ऐक्शन होना चाहिए। अदालत में केस दायर करना चाहिए। इन लोगों की नाराजगी है कि आखिर दूसरे देश के झंडे फहराने के लिए फ्रांस में आयोजन क्यों किए जा रहे हैं। बता दें कि 7 अक्तूबर 2023 को हमास ने भीषण आतंकी हमला इजरायल में किया था।

इस हमले में करीब 1200 लोग मारे गए थे। इसके अलावा 250 के करीब लोगों को अगवा कर लिया गया था। इस हमले के बाद इजरायल ने गाजा में हमास के ठिकानों पर हमले शुरू किए थे। यह जंग अब भी लगातार जारी है। इसी जंग के विरोध में फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन जैसे देशों ने फिलिस्तीन को मान्यता देने की बात कही है।

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