मोहर्रम ,मुस्जिदो मैं दुआ आशूरा पढ़ी गई, जूलूस ए हुसैनी हजरत इमाम हुसैन की याद मैं निकला

मोहर्रम पे नवासे ए रसूल हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उसके 72 साथियों की शहादत इराक के करबला मैं हुई थी इन्ही की याद मैं आज जुलूस ए हुसैनी मिशन अहले बैयत रायपुर के नेहरूनगर, बैरन बाजार से संजयनगर से मोतीबाग औलिया चौक पर पंहुचा जहा दरगाह हजरत सैय्यद शेर अली आगा सरकार के बाहर मंच से हजरत आलमगीर अशरफ मिया साहब की तकरीर हुई जिसमे उन्होंने कहा आज के दिन करबला के मैदान मैं इमाम हुसैन ने अपना और अपने 72 साथियों के साथ शहीद हो गए लेकिन यजीद की बयेत (अधीनता)नही स्वीकारी असत्य पर सत्य की जीत हुई,यजीदी आतंकवाद के खिलाफ अपना स्वत्र लुटाकर 3 दिन के भूखे प्यासे रहते हुवे हक का परचम बुलंद किया हजरत इमाम हुसैन वा उनके 71 साथियों ने इस अधर्मी यजीदी फौज के आगे नहीं झुके , जुलूस हुसैनी के अवसर पर हुसैनी सेना के प्रमुख राहिल रउफी सर परस्त नईम अशरफी रिजवी , मिशन अहले बयत से अरशद खान ,सैय्यद मोहम्मद अशरफ साहब मच पर मौजूद थे इसके बाद सैकड़ों हुसैनी युवक हुसैनी परचम और ताजिया के साथ बैजनाथपारा ,कोतवाली कालीबाड़ी होते चांदनी चौक पहुंच समाप्त हुवा , राजातालाब,हांडीपारा मोमिनपारा, पंडरी ताजनगर का जुलूस करबला तालाब पहुंचा ,बिरगांव गाजीनगर मैं भी जुलूस ए हुसैनी निकला जिसमे ताजिया अलम अखाड़ा के साथ पूरे बिरगांव मैं भ्रमण करता हुवा देर शाम ताजिया ठंडा किया गया रायपुर महानगर हुसैनी सेना अध्यक्ष सूफी उवेश ने बताया की जुलेसे हुसैनी के मार्ग मैं राजीव गांधी चौक छोटापारा मैं शरबत लंगर बाटा गया आज शहर की मस्जिदों मैं दुवाए आशूरा पढ़ाई गई जगह जगह लंगरे हुसैन आज खिलाया गया शरबत खिचड़ा आज रायपुर के कई मोहल्लों मैं बता गया.