हमर छत्तीसगढ़

बिहान ने सुनीता को दिखाई आत्मनिर्भरता की राह

स्व-सहायता समूह से जुड़कर शुरू की किराना दुकान, व्यवसाय से अर्जित किया 60 हजार रुपये का मुनाफा

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा रहा है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से नियमित बचत, आपसी सहयोग और बैंक ऋण जैसी सुविधाएं महिलाओं को आजीविका के नए अवसर दे रही हैं। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कोरंधा की श्रीमती सुनीता गुप्ता की कहानी इस बदलाव की एक प्रेरक मिसाल है।

परिवार की सीमित आय के बीच घर की जरूरतें पूरी करना श्रीमती सुनीता के लिए चुनौतीपूर्ण था। आमदनी का अतिरिक्त स्रोत विकसित करने की इच्छा से वे गायत्री स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह में नियमित बचत और सदस्यों के सहयोग से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। बिहान योजना के तहत बैंक ऋण प्राप्त कर उन्होंने किराना दुकान शुरू की।

श्रीमती सुनीता की मेहनत और बेहतर व्यवसाय संचालन से दुकान धीरे-धीरे आगे बढ़ी। इससे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली और उन्होंने अब तक लगभग 60 हजार रुपये का मुनाफा अर्जित किया है। व्यवसाय से हुई आमदनी ने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ दुकान का विस्तार करने का उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।

श्रीमती सुनीता गुप्ता बताती हैं कि बिहान से मिली सहायता ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया। वे मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि शासन की योजनाएं ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने का संबल दे रही हैं।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा की कहानी’ श्रृंखला में सुनीता गुप्ता की यह सफलता बताती है कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं अपनी मेहनत और उद्यम से परिवार की आय बढ़ाने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ा सकती हैं।

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