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OBC-मराठा के बाद अब गोर बंजारों ने की आरक्षण की मांग, सीएम फडणवीस से लगाई गुहार

यवतमाल जिले में बंजारे उठो, अनुसूचित जनजाति आरक्षण धागा बांधो… ये नारे आज यवतमाल के महानायक वसंतराव नाइक चौक पर गूंजे। हैदराबाद राजपत्र के आधार पर मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल करने के फैसले के बाद, अब बंजारा समुदाय भी उठ खड़ा हुआ है।

हैदराबाद राजपत्र में बंजारा समुदाय को एक आदिवासी समुदाय बताया गया है, इसलिए यवतमाल के बंजारा समुदाय के सभी संगठन एकजुट हुए और आज ज़िला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक ज्ञापन भेजकर हैदराबाद राजपत्र की तर्ज पर महाराष्ट्र के गोर बंजारों को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग की।

बंजारा समुदाय ने सौंपा ज्ञापन

इतिहास, राजपत्र और कानूनी प्रमाण सभी बंजारा समुदाय के पक्ष में हैं, फिर भी उन्हें अब तक महाराष्ट्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग में स्थान नहीं दिया गया है। इससे बंजारा समुदाय के साथ घोर अन्याय हुआ है। अनुसूचित जनजाति में आरक्षण न मिलने के कारण बंजारा युवा शिक्षा, नौकरी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में पिछड़ गए हैं।

यह समुदाय अभी भी मुख्यधारा से दूर है, इसलिए आने वाली पीढ़ी अन्याय का शिकार हो रही है। इसलिए, यह कहते हुए कि अब एकजुटता दिखाने का समय है, यवतमाल के समस्त बंजारा समुदाय ने आज ज़िला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर बंजारा समुदाय को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग की।

तीव्र आंदोलन की चेतावनी

यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि सरकार बंजारा समुदाय की मांगों की अनदेखी करती है, तो यह संघर्ष केवल एक ज्ञापन तक ही सीमित नहीं रहेगा। गोर बंजारा समुदाय पूरे राज्य में एक ज़ोरदार आंदोलन, क्रमिक भूख हड़ताल और चक्का जाम शुरू करेगा। क्योंकि यह मुद्दा अस्तित्व और अधिकारों का है। जब तक हमारे अधिकार नहीं मिल जाते, हम शांत नहीं बैठेंगे, यह चेतावनी बंजारा समुदाय ने दी है।

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