जन धन योजना ने कर दिखाया कमाल, 2.6 लाख करोड़ रुपये हुए जमा

साल 2014 में प्रधानमंत्री पद को हासिल करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इसी सिलसिले में पीएम मोदी ने देश के गरीब लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए जन धन योजना की शुरुआत की थी।
पीएम जन धन स्कीम की वेबसाइट के अनुसार, अब तक इस स्कीम का फायदा 55.90 करोड़ लाभार्थियों ने लिया है। जनधन अकाउंट्स में 2,63,954.98 करोड़ रुपये की अमाउंट डिपॉजिट हुई है। जन धन अकाउंट्स ने बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल समावेशन को बढ़ावा दिया है। इस स्कीम ने महिलाओं को भी मजबूत बनाया है। जन धन अकाउंट्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 56 परसेंट है।
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने क्या कहा?
भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एम. राजेश्वर राव ने कहा था कि प्रधानमंत्री जन धन योजना यानी पीएमजेडीवाई की शुरुआत भारत के फाइनेंशियल समावेशन में एक अहम मोड़ साबित हुआ। जन धन योजना-आधार-मोबाइल यानी जेएएम ट्रिनिटी ने सभी वयस्कों के लिए बैंकिंग सर्विसेज तक पहुंच सुनिश्चित करने के हमारे कोशिश में बड़ी मदद की है, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन प्रोग्राम बन गया है।
फाइनेंस मिनिस्ट्री ने क्या बयान दिया?
वित्त मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, जेएएम ट्रिनिटी ने डायरेक्ट बेनिफिटि ट्रांसफर यानी डीबीटी कार्यक्रम को बढ़ावा दिया है। मनरेगा वेतन से लेकर उज्ज्वला योजना सब्सिडी और कोविड के दौरान आम लोगों को पैसा उपलब्ध कराने तक, इस योजना ने एक प्रमुख भूमिका निभाई है।
बयान में आगे कहा गया कि आज, सभी गांवों में 99.95 प्रतिशत लोगों को बैंकिंग टचपॉइंट्स जैसे कि बैंक शाखाओं, एटीएम, बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) और भारतीय डाक भुगतान बैंकों सहित के माध्यम से 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच प्राप्त है।
जन धन स्कीम का टारगेट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन स्कीम दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहलों में से एक है और इस साल के लिए ऐसे 3 करोड़ और अकाउंट खोलने का टारगेट रखा गया है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2015 में हर अकाउंट एवरेज बैंक बैलेंस 1,065 रुपये था, जो अब बढ़कर 4,352 रुपये हो गया है। लगभग 80 परसेंट अकाउंट एक्टिव हैं।
66.6 परसेंट जन धन अकाउंट ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं और 29.56 करोड़ अकाउंट महिला अकाउंटहोल्डर्स के हैं। जब मोदी सरकार 11 साल पहले पहली बार सत्ता में आयी थी, तो उसने हर एक नागरिक को फाइनेंशियल और बैंकिंग सर्विसेज प्रदान करने का टारगेट रखा था। इसके लिए 28 अगस्त 2014 को प्रधानमंत्री जन धन स्कीम लॉन्च की गई थी, जिसमें शून्य बैलेंस वाले अकाउंट खोलकर बड़ी संख्या में गरीब लोगों को बैंकिंग सर्विसेज से जोड़ा गया था।

