टाटा की एक और कंपनी का आ रहा IPO, कब तक होगी लिस्टिंग, जानें डिटेल

Tata Capital Mega IPO: टाटा ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विस से जुड़ी कंपनी- टाटा कैपिटल ने अपने आईपीओ के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कंपनी ने गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के जरिए सेबी के पास दस्तावेज दाखिल किए हैं। इसी के साथ टाटा कैपिटल अब टाटा प्ले, ओयो, स्विगी, विशाल मेगामार्ट, क्रेडिला फाइनेंशियल सर्विसेज, इंदिरा IVF और फिजिक्सवाला के बाद गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट चुनने वाली आठवीं प्रमुख भारतीय कंपनी बन जाएगी।
कौन कम कर रहा हिस्सेदारी
मनीकंट्रोल के सूत्रों ने बताया- ड्राफ्ट पेपर गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के माध्यम से बाजार नियामक के पास दाखिल कर दिए गए हैं। इस आईपीओ में टाटा संस और निवेशक आईएफसी अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे। 31 मार्च, 2024 तक टाटा संस के पास टाटा कैपिटल लिमिटेड में सीधे तौर पर 92.83 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि शेष हिस्सेदारी टाटा समूह की अन्य संस्थाओं और IFC के पास थी।
15000 करोड़ रुपये का आईपीओ
बता दें कि यह 15000 करोड़ रुपये से अधिक का आईपीओ है। 25 फरवरी को टाटा कैपिटल बोर्ड ने IPO योजना को मंजूरी दी थी। इस आईपीओ में 230 मिलियन शेयरों तक का नया इश्यू और इसके मौजूदा शेयरधारकों द्वारा इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव शामिल होगा। टाटा कैपिटल के बोर्ड ने आईपीओ लॉन्च करने से पहले 1,504 करोड़ रुपये जुटाने के लिए फरवरी में राइट्स इश्यू को भी मंजूरी दी थी।
10 निवेश बैंक की नियुक्ति
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टाटा कैपिटल ने मेगा लिस्टिंग के लिए सलाहकार के रूप में 10 निवेश बैंकों को नियुक्त किया है। ये 10 निवेश बैंक- कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, जेपी मॉर्गन, एक्सिस कैपिटल, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एचएसबीसी सिक्योरिटीज, आईआईएफएल कैपिटल, बीएनपी पारिबा, एसबीआई कैपिटल और एचडीएफसी बैंक हैं।
कंपनी के बारे में
कंपनी की बात करें तो टाटा कैपिटल एक गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवा (एनबीएफसी) फर्म है। क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार टाटा संस ने पिछले पांच वित्त वर्षों में टाटा कैपिटल लिमिटेड में 6,097 करोड़ रुपये की पूंजी डाली है, जिसमें से वित्त वर्ष 2019 में 2,500 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2020 में 1,000 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2023 में 594 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 के दौरान 2,003 करोड़ रुपये डाले गए।