हमर छत्तीसगढ़

पहली बार भाजपा संगठन के एक दर्जन से ज्यादा पदाधिकारी भी छत्तीसगढ़ के चुनावी समर में…

रायपुर. छत्तीसगढ़ के चुनावी इतिहास में ऐसा पहली बार हाे रहा है कि भाजपा संगठन के एक दर्जन से ज्यादा पदाधिकारियों काे भी चुनावी समय में उतारा जा रहा है। प्रदेश में इस साल होने वाले चुनाव में भाजपा का राष्ट्रीय संगठन एक अलग तरह का ही प्रयोग कर रहा है। यहां के चुनाव की कमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने हाथ में ले रखी है। ऐसे में जहां एक तरफ सांसदों को मैदान में उतारा जा रहा है, वहीं पहली बार थोक में प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों को भी टिकट दिया जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव के साथ तीनों महामंत्री केदार कश्यप, विजय शर्मा और ओपी चौधरी को भी चुनावी समर में उतारा जा रहा है। इसके अलावा और भी कई पदाधिकारी हैं जिनको टिकट दिया जा रहा है।
प्रदेश संगठन के कुछ पदाधिकारियों को चुनावी मैदान में उतारना नया नहीं है, लेकिन थोक में पदाधिकारियों को मैदान में उतारा जाना पहली बार हो रहा है। भाजपा ने इस बार यह भी किया कि कौन से जिलों के अध्यक्ष चुनाव लड़ना चाहते हैं, इसके बारे में जानकारी भी संभागीय प्रभारियों से मंगाई। हालांकि जिला अध्यक्षों में महज एक रायपुर के ग्रामीण जिलाध्यक्ष टंकराम वर्मा को बलौदाबाजार का प्रत्याशी बनाया जा रहा है। लेकिन थोक में प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों को जरूर टिकट दिया जा रहा है।
बड़े पदाधिकारियों पर भी दांव

प्रदेश संगठन से प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव को भी राष्ट्रीय संगठन मैदान में उतारा रहा है। उनको लोरमी से टिकट दिया जा रहा है। इसके पहले 2018 में धरमलाल कौशिक ने भी प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए चुनाव लड़ा था, लेकिन वे पहले से ही विधायक थे, इसलिए उनका लड़ना पहले से तय था, लेकिन अरुण साव तो सांसद हैं। प्रदेशाध्यक्ष के साथ ही तीनों महामंत्री केदार कश्यप काे नारायणपुर, विजय शर्मा को कवर्धा और ओपी चौधरी को रायगढ़ से टिकट दिया जा रहा है। इसके पहले दो उपाध्यक्ष सरला कोसरिया को सरायपाली और लखन देवांगन को कोरबा से टिकट दिया जा चुका है।
विधायकाें के साथ प्रवक्ता भी मैदान में
शिवरतन शर्मा भाटापारा के विधायक होने के साथ उपाध्यक्ष भी हैं। इसी के साथ एक प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह को कोटा से मैदान में उतारा जा रहा है। प्रदेश पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष भरत वर्मा को भी टिकट दिया जा रहा है। थोक में प्रवक्ता भी हैं जिनको टिकट दिया जा रहा है, हालांकि इसमें विधायक ज्यादा हैं। इनमें प्रमुख नाम प्रदेश प्रवक्ता और आरोपपत्र समिति के संयोजक और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अजय चंद्राकर, रंजना साहू, राजेश मूणत, कृष्णमूर्ति बांधी, रजनीश सिंह के साथ ही देवलाल ठाकुर शामिल हैं।
एक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को भी टिकट
एक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पूर्व प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय का भी नाम शामिल है। पूर्व उपाध्यक्ष और संभाग प्रभारी किरण देव को भी मैदान में उतारा जा रहा है। किसान माोर्चा के पूर्व अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल को भी टिकट दिया जा रहा है।

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