बिल न लाते तो संसद भवन और दिल्ली एयरपोर्ट जैसी अहम संपत्तियां भी वक्फ की संपत्ति घोषित होती, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू बोले

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आज दोपहर लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर चर्चा के दौरान केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक के पक्ष में मजबूत तर्क प्रस्तुत किए।
सांसद रविशंकर ने संसद में शाहबानो मामले को उठाते बोले
सांसद रविशंकर ने कहा- इन दिनों संविधान की लाल किताब दिखाई जाती है। मैं संसद में रखी हरी किताब लेकर आया हूं। संविधान के अनुच्छेद 15 में महिलाओं और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए प्रावधान करने का उल्लेख है। मैं बिहार से आता हूं। वहां और उत्तर प्रदेश में बहुत से पिछड़े मुसलमान हैं। उन्हें भी वक्फ विधेयक में जगह दी जा रही है, तो समस्या क्या है? यह वक्फ विधेयक जिसमें संशोधन किया जा रहा है, अनुच्छेद 15 के तहत है। अब जब अनुच्छेद 25 की बात हो रही है, तो इसका दूसरा पैराग्राफ भी पढ़ लें। वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है, बल्कि यह एक कानूनी संस्था है।
मुतवल्ली की भूमिका पर सवाल उठाए गए। एक किताब का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुतवल्ली का वक्फ संपत्ति में कोई अधिकार नहीं है, बल्कि वह संपत्ति का प्रबंधक है। अगर 8 लाख रुपये की संपत्ति लूटी जा रही है, तो सरकार को चुप रहना चाहिए। हमें बताएं, वक्फ की संपत्ति पर कितने स्कूल, अस्पताल और उद्योग स्थापित किए गए। अगर आज इस संपत्ति की कीमत बढ़ाने की बात हो रही है, तो क्या समस्या है। वे अपने दिल से कहते हैं कि संशोधन होना चाहिए लेकिन उनके अंदर कुछ और है। शाहबानो के मामले में अदालत का फैसला आया। उसे कुछ सौ रुपये मिले। हमने देखा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का क्या हुआ। उस समय राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे।
AIMPLB ने ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में कहा कि, हम निकाहनामा में कहेंगे कि, ट्रिपल तलाक न दें। जब बिल पास हुआ, तो उन्होंने पूरे देश में ट्रिपल तलाक का विरोध किया। अनुच्छेद 370 के बारे में भी ऐसा ही भ्रम पैदा किया गया था लेकिन आज वहां एक लोकतांत्रिक सरकार है। वोट बैंक के लिए देश कहां तक जाएगा। इस देश में मुसलमानों को उतना ही अधिकार है जितना महिलाओं को है। मुस्लिम समाज के आदर्श डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जैसे लोग हैं तीसरी बार गड़बड़ हुई लेकिन जनता ने सच्चाई समझी और बाद में उन्हें दिल्ली जिताया।
2013 के बारे में जो कहा गया वो पूरी तरह से गलत है- कांग्रेस सांसद गोगोई
कांग्रेस सांसद गोगोई ने कहा- 2013 के बारे में मंत्री किरेन रिजिजू ने जो कहा वो पूरी तरह से गलत है। मैंने राम मंदिर पर भी बोला था और अब वक्फ पर बोल रहा हूं। मैं सिर्फ संविधान के बारे में बोलूंगा। ये बिल संविधान की मूल भावना पर हमला है। ये हमारे संघीय ढांचे पर हमला है। इनका मकसद संविधान को कमजोर करना है, दूसरा मकसद अल्पसंख्यकों के खिलाफ भ्रम फैलाना है, तीसरा मकसद लोगों को आपस में लड़ाना है। ईद के मौके पर इनकी डबल इंजन वाली सरकारों ने लोगों को सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने दी। उन्हें बताना चाहिए कि उनकी पार्टी के कितने सांसद मुस्लिम हैं। 2023 में अल्पसंख्यक मामलों की चार बार मीटिंग हुई। किसी भी मीटिंग में वक्फ बिल की मांग का जिक्र नहीं हुआ। किसी मीटिंग के मिनट्स में इसका जिक्र नहीं है। मैं पूछूंगा कि ये बिल कहां से आया। क्या यह विधेयक अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने बनाया या किसी और ने?
किरन रिजिजू ने वक्फ के मुख्य प्रावधानों के बारे में बताया
आदिवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनुसूची 5 और 6 में वक्फ संपत्ति नहीं बनाई जाएगी। वक्फ ट्रिब्यूनल में 3 सदस्य होंगे। इनका कार्यकाल 6 महीने का होगा। अगर कोई वक्फ ट्रिब्यूनल के आदेश से खुश नहीं है तो वह कोर्ट जा सकता है। मुतवल्ली का अंशदान 7 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। लिमिटेशन एक्ट जो पहले इसमें से हटा दिया गया था, उसे भी अब इसमें शामिल कर दिया गया है। धारा 40 के तहत वक्फ किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति में बदल देता था। इसे अब हटा दिया गया है। यह सबसे खतरनाक प्रावधान था। देश का ईसाई समुदाय भी वक्फ का समर्थन कर रहा है क्योंकि उन्हें पता है कि इसका कितना दुरुपयोग हुआ है।