सरकार चलवाएगी रिक्शा-टैक्सी और ई-बाइक, प्रताप सरनाईक की पहल, विकसित होगा ऐप

राज्य सरकार के परिवहन विभाग की ओर से अब ऐप-आधारित रिक्शा-टैक्सी ई-बाइक सेवा शुरू किए जाने का विचार किया गया है। राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए ऐप-आधारित यात्री वाहन सेवा शुरू करने की पहल परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने की है। परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा कि केवल निजी कंपनियों पर निर्भर न होकर अब यात्री परिवहन के लिए ऐप-आधारित रिक्शा, टैक्सी और ई-बाइक सेवाएं शुरू की जाएंगी।
इन नामों का प्रस्ताव
परिवहन विभाग के सहयोग से शुरू होने वाले इस ऐप को जय महाराष्ट्र, महा-राइड, महा-यात्री, महा-गो में से कोई एक नाम देने का प्रस्ताव है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप-मुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजितदादा पवार की अंतिम स्वीकृति के साथ यह सरकारी ऐप जल्द ही चालू हो जाएगा।
मंत्री सरनाईक ने कहा कि इस पहल के तहत ऐप विकसित करने के लिए ‘महाराष्ट्र परिवहन प्रौद्योगिकी संस्थान’ और ‘मित्र’ जैसी निजी कंपनियों के साथ चर्चा शुरू हो गई है। योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक तत्व शामिल हैं और ऐप जल्द ही तैयार हो जाएगा।
मिलेगी वित्तीय सहायता
उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से मराठी युवाओं को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए, वाहन खरीदने के लिए मुंबई बैंक के माध्यम से 10 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा।
मुंबई बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने भी आश्वासन देते हुए कहा है कि मुंबई बैंक की मदद से बेरोजगार युवाओं को वित्तीय सहायता मिलेगी। साथ ही, अन्नासाहेब आर्थिक विकास महामंडल, भटके विमुक्त महामंडल, ओबीसी महामंडल और एमएसडीसी द्वारा सब्सिडी के रूप में 11 प्रतिशत ब्याज वापसी दी जाएगी। इस तरह यह ऋण ब्याज मुक्त होगा।
निजी ऑपरेटर पर लगाम
परिवहन मंत्री सरनाईक ने आगे कहा कि केंद्र सरकार के एग्रीगेटर दिशानिर्देशों के अनुसार इस ऐप के नियम अंतिम चरण में हैं। वर्तमान में, कुछ निजी संगठन अनधिकृत ऐप्स के माध्यम से भारी मुनाफा कमा रहे हैं। इसके लिए वे कंपनियां ड्राइवरों और यात्रियों को लूट रही हैं। उन पर अंकुश लगाना जरूरी है। सरकार के पास पर्याप्त मशीनरी, तकनीक और मानव संसाधन हैं, इसलिए अगर सरकार ऐसा ऐप विकसित करती है, तो इससे न केवल यात्रियों को, बल्कि वाहन चालकों को भी लाभ होगा।
5 अगस्त को बैठक
इस संबंध में 5 अगस्त को मंत्रालय में संबंधित पक्षों की एक बैठक आयोजित की गई है। परिवहन मंत्री सरनाईक ने बताया कि ऐप डेवलपमेंट के तकनीशियन और संबंधित लोगों की उपस्थिति में इस सरकारी ऐप को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह योजना महाराष्ट्र के लाखों युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी। साथ ही राज्य सरकार इस सरकारी ऐप के माध्यम से निजी कंपनियों के एकाधिकार का विकल्प तैयार कर सकेगी।



