व्यापार जगत

सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट, चांदी भी फिसली, प्रमुख शहरों में आज का भाव

भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के निवेशकों के लिए यह सप्ताह निराशाजनक रहा है। दोनों कीमती धातुओं के भाव में लगातार दबाव बना हुआ है। गोल्ड की चमक आज लगातार तीसरे दिन कम हुई है, वहीं चांदी भी लगातार तीसरे दिन सस्ती हुई है। यह गिरावट डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद कम होने के कारण देखी जा रही है।

राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड प्रति दस ग्राम मात्र ₹10 और 22 कैरेट गोल्ड भी ₹10 सस्ता हुआ है। हालाकि पिछले तीन दिनों की बात करें तो 24 कैरेट गोल्ड के दाम प्रति दस ग्राम ₹890 और 22 कैरेट गोल्ड के दाम ₹810 तक नीचे गिरे हैं।

चांदी की बात करें तो, लगातार तीसरे दिन गिरावट के बाद दिल्ली में एक किलो चांदी के भाव तीन दिनों में ₹7100 तक नरम हुए हैं। आज 22 नवंबर को दिल्ली में चांदी ₹1,60,900 प्रति किलोग्राम पर बिक रही है, जिसमें आज प्रति किलोग्राम ₹100 की कमी आई है। मुंबई और कोलकाता जैसे अन्य बड़े शहरों में भी चांदी लगभग इसी भाव पर उपलब्ध है।

प्रमुख शहरों में आज सोने का भाव

शहर22 कैरट24 कैरटवजन
दिल्ली₹1,13,790₹1,24,12010 ग्राम
मुंबई₹1,13,640₹1,23,97010 ग्राम
कोलकाता₹1,13,640₹1,23,97010 ग्राम
चेन्नई₹1,14,590₹1,25,01010 ग्राम
बेंगलुरु₹1,13,640₹1,23,97010 ग्राम
हैदराबाद₹1,13,640₹1,23,97010 ग्राम
लखनऊ₹1,13,790₹1,24,12010 ग्राम
पटना₹1,13,690₹1,24,02010 ग्राम
जयपुर₹1,13,790₹1,24,12010 ग्राम
अहमदाबाद₹1,13,690₹1,24,02010 ग्राम

आगे क्या हो सकता है रुझान?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में दबाव का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। साथ ही, दिसंबर में US फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होना भी एक बड़ा फैक्टर है। मेटल्स फोकस के हर्षल बारोट का मानना ​​है कि अगर फेड दरें नहीं घटाता है, तो सोने की कीमतों में 2-5% की गिरावट आ सकती है। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि सोने ने 38000 डॉलर प्रति औंस पर एक मजबूत आधार बनाया हुआ है और अगले साल तेजी जारी रहने की उम्मीद है।

केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने में ₹1,23,500 लाख पर बिकवाली की जा सकती है और यह ₹1,22,000 लाख तक आ सकता है। उन्होंने सलाह दी है कि बिकवाली करते समय ₹1,24,200 लाख पर स्टॉपलॉस लगाया जाए, क्योंकि महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए दिसंबर में रेट कट की संभावना कम है।

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