
इंतजार की घड़ियां खत्म होने को है। आज गणेश चतुर्थी है और घरों में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना होगी। पूरे विधि-विधान के साथ आज गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। कुछ ही देर में पूजा का शुभ मुहूर्त शुरू होगा। इसी दौरान भगवान की मूर्ति स्थापना होगी। उनकी पूजा के बाद भोग इत्यादि लगाया जाएगा। इस बीच एक सवाल है जो लोगों को बहुत कन्फ्यूज करता है। वह है कि भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना किस दिशा में होनी चाहिए? ऐसे में चलिए जानते हैं कि आखिर पूजा और स्थापना के लिए कौन सी दिशा शुभ मानी जाती है।
इस दिशा में करें मूर्ति की स्थापना
बता दें कि हर साल भाद्रपद महीने में ही गणेश चतुर्थी होती है। इस महीने के शुक्ल पक्ष की चौथी तिथि पर ही इस पर्व को मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त आज यानी 27 अगस्त की सुबह 11 बजकर 5 मिनट से 1 बजकर 40 मिनट तक है। इस समय के बीच पूजा की जाएगी। बात करें गणपति की मूर्ति किस दिशा में होनी चाहिए तो वास्तुशास्त्र में इसका भी जिक्र है। शास्त्र के हिसाब से भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना के लिए हमेशा उत्तर-पूर्व कोना यानी कि ईशान कोण को ही चुनना चाहिए। इस दिशा को घर का सबसे शुभ कोना माना जाता है। ऐसे में गणेश चतुर्थी की पूजा इस दिशा में करने से काफी फलदायी होता है।
इस दिशा में गलती से भी ना करें स्थापना
वास्तु के हिसाब से घर में अगर गलत दिशा में गणपति की मूर्ति की स्थापना की गई तो इसका रिजल्ट उलटा भी हो सकता है। भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना कभी भी स्टोर रूम और सीढ़ियों के आसपास नहीं करनी चाहिए। वहीं ऐसी जगहों पर भी मूर्ति की स्थापना से भी बचना चाहिए जहां पर डस्टबिन और स्टोर रूम आसपास हो।